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शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के दौरान अखंड ज्योत जलाने का खास महत्व होता है. कई भक्त नौ दिनों तक अपने घर में अखंड ज्योत जलाते हैं. धार्मिक मान्यता है कि यह ज्योत मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है. लेकिन कई बार घी या तेल कम होने, बत्ती छोटी होने या तेज हवा चलने के कारण ज्योत बीच में बुझ जाती है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या अखंड ज्योत का बुझना अशुभ होता है और इसे दोबारा कैसे जलाना चाहिए?
अखंड ज्योत बुझ जाए तो क्या यह अशुभ संकेत है?
धार्मिक मान्यताओं में अखंड ज्योत को पूजा और आस्था का प्रतीक माना जाता है. हालांकि, अगर किसी कारण यह ज्योत अनजाने में बुझ जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है. ज्योतिष से जुड़े जानकारों के अनुसार, ऐसी घटना को सीधे अशुभ संकेत नहीं मानना चाहिए. कई बार इसके पीछे सामान्य कारण होते हैं, जैसे घी या तेल की कमी, बत्ती का छोटा होना या हवा लगना. ऐसे समय में मन शांत रखें और मां दुर्गा की पूजा जारी रखें.
अखंड ज्योत बुझने पर दोबारा कैसे जलाएं?
अगर नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योत बुझ जाए, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रख सकते हैं. ज्योत बुझने पर घबराएं नहीं. मां दुर्गा का ध्यान करें और श्रद्धा के साथ पूजा करने का संकल्प बनाए रखें. दीपक में बची पुरानी बत्ती को सावधानी से निकालें. दीपक को साफ करके उसमें नई बत्ती लगाएं.
ज्योत दोबारा जलाने से पहले जांच लें कि दीपक में घी या तेल पर्याप्त है. बत्ती भी सही आकार की होनी चाहिए. हाथ जोड़कर मां दुर्गा से अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमा मांगें. इसके बाद अपनी पूजा और मंत्र जाप जारी रखें. अपने घर की पूजा परंपरा के अनुसार दीपक दोबारा जलाएं. यदि आपके परिवार में कोई विशेष नियम माना जाता है, तो उसका पालन कर सकते हैं.
अखंड ज्योत जलाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
नवरात्रि में अखंड ज्योत जलाते समय दीपक को सुरक्षित और स्थिर जगह पर रखें. उसे ऐसी जगह न रखें जहां तेज हवा आती हो. दीपक में घी या तेल की मात्रा समय-समय पर जांचते रहें. बत्ती भी इतनी लंबी होनी चाहिए कि वह आसानी से जलती रहे. दीपक को पर्दों, कागज और दूसरी ज्वलनशील चीजों से दूर रखें. जलते दीपक को बिना निगरानी के न छोड़ें.