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Navratri me Nariyal ka Dharmik Mahatva: नारियल धार्मिक रूप से क्यों माना जाता है महत्वपूर्ण? जानें नवरात्रि की पूजा में इसके चमत्कारी प्रयोग

हिंदू धर्म में नारियल को लक्ष्मी जी का स्वरूप माना जाता है. नारियल में तीन प्रमुख देवताओं ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है. नारियल का स्वरूप मानव की खोपड़ी की तरह है, अतः इसको बलि के प्रतीक के रूप में प्रयोग किया जाता है. नारियल को देवी-देवताओं को अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है.

Nariyal ka Dharmik Mahatva Nariyal ka Dharmik Mahatva

हिंदू धर्म नारियल को बहुत ही शुभ माना जाता है. नारियल का फल हर पूजा-उपासना में संपन्नता के लिए प्रयोग किया जाता है. इसको लक्ष्मी जी का स्वरूप माना जाता है. इसके चलते इसको श्रीफल भी कहा जाता है. देवी मां की पूजा में नारियल का विशेष प्रयोग होता है. इसका स्वरूप मानव की खोपड़ी की तरह है, अतः इसको बलि के प्रतीक के रूप में प्रयोग किया जाता है.

नारियल का जल, गिरी और खोल, तीनों पूजा में अलग-अलग तरीके से प्रयोग किए जाते हैं. ऐसा माना जाता है कि नारियल में तीन प्रमुख देवताओं ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है. नारियल पर बनी तीन आंखें भगवान शिव के त्रिनेत्र की तरह मानी जाती हैं. नारियल को देवी-देवताओं को अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है. भगवान गणेश को नारियल बहुत प्रिय है और उन्हें विघ्नहर्ता कहा गया है. इसलिए कोई भी काम शुरू करने से पहले नारियल अर्पित कर गणेश जी का आशीर्वाद लिया जाता है. ज्योतिष में नारियल को चंद्रमा का प्रतीक माना गया है. चंद्रमा मन का कारक होता है और नारियल पानी मन को शांत करता है.

पूजा के लिए किस प्रकार का होना चाहिए नारियल?
पूजा के लिए नारियल भूरे रंग का होना चाहिए. इसके अंदर गिरी और जल दोनों ही होना चाहिए. प्रयोग के पूर्व इसकी जटाओं को हटा लेना चाहिए. हालांकि पूजा के कलश पर यह नारियल जटाओं के साथ रखा जाता है. 

नारियल को नवरात्रि में किस प्रकार करें प्रयोग?
नवरात्रि में एक नारियल ले लें. इसको चारों तरफ से रक्षासूत्र से बांध लें. अब इस नारियल को कलश के मुख पर रख दें या देवी के चरणों में अर्पित कर दें. पूरी नवरात्रि इसको वहीं पर रहने दें. नवरात्रि समाप्त हो जाने पर इसको तोड़कर प्रसाद रूप में ग्रहण करें. 

नारियल के प्रयोग से अपनी खराब ग्रह दशाओं से कैसे बचें?
नवरात्रि में किसी भी रात्रि को एक नारियल ले लें. इसको अपनी गोद में रखकर देवी के समक्ष बैठें. इसके बाद एक विशेष मंत्र का अधिक से अधिक जप करें. मंत्र होगा शांतिकर्मणि सर्वत्र तथा दुःस्वप्नदर्शने। ग्रहपीडासु चोग्रासु महात्म्यम शृणुयान्मम।। इसके बाद देवी से ग्रह शांति की प्रार्थना करें. अगले दिन सुबह इस नारियल को बहते जल में प्रवाहित कर दें. 

नारियल के प्रयोग से संतान प्राप्ति के उपाय
नवरात्रि में किसी भी रात्रि को पति-पत्नी एक साथ देवी दुर्गा को नारियल अर्पित करें. नारियल पर रक्षा सूत्र बांध लें और उसे पीली चुनरी में रखकर ही अर्पित करें. अर्पित करने के बाद संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें. नवरात्रि भर इसको देवी के सामने ही रहने दें. नवरात्रि के बाद इसको पीली चुनरी में ही बांधकर अपने शयनकक्ष में रख लें. 

नवरात्रि में किसी भी तरह के तंत्र मंत्र को काटने के उपाय
एक सूखा नारियल ले लें. इसको ऊपर से थोड़ा सा काटकर ढक्कन की तरह निकाल लें. अब इसके अंदर चीनी भरकर वही ढक्कन लगा लें. इसको किसी पेड़ के नीचे गड्ढा खोदकर सीधा दबा दें. किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिलेगा. टोने-टोटके या ऊपरी बाधा से बचने के लिए नारियल से घर की शुद्धि की जाती है.नारियल पानी का छिड़काव करने से घर का माहौल भी शांत और सकारात्मक होता है.