scorecardresearch

अयोध्या में इतिहास रचेगी मातृशक्ति: राम मंदिर परिसर में पहली बार महिला संतों के हाथों होगा भव्य ध्वजारोहण

अयोध्या की पावन धरती एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है. राम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित मां जगदम्बा मंदिर के शिखर पर 29 मई की शाम 5 बजे पहली बार महिला संतों और मातृशक्ति के हाथों भव्य ध्वजारोहण होगा. यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि राम मंदिर आंदोलन में महिलाओं के अतुलनीय योगदान को समर्पित एक भावपूर्ण सम्मान समारोह बनकर उभर रहा है.

 grand flag hoisting in Ayodhya on May 29 grand flag hoisting in Ayodhya on May 29

अयोध्या की पावन धरती एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है. राम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित मां जगदम्बा मंदिर के शिखर पर 29 मई की शाम 5 बजे पहली बार महिला संतों और मातृशक्ति के हाथों भव्य ध्वजारोहण होगा. यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि राम मंदिर आंदोलन में महिलाओं के अतुलनीय योगदान को समर्पित एक भावपूर्ण सम्मान समारोह बनकर उभर रहा है.

हजारों दीपों सी आस्था और भक्ति के बीच होने वाले इस ऐतिहासिक ध्वजारोहण में 3500 से अधिक मातृशक्तियां शामिल होंगी. राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात पीएसी की महिला कमांडो, मंदिर परिसर में कार्यरत महिला कर्मचारी, दुर्गा वाहिनी, विश्व हिंदू परिषद की मातृशक्ति इकाई और विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संगठनों की महिलाएं इस दिव्य आयोजन की साक्षी बनेंगीय.

इस गौरवपूर्ण अवसर पर राम मंदिर आंदोलन की प्रमुख चेहरा रहीं साध्वी ऋतंभरा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी. उनके साथ केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति सहित कई प्रमुख महिला संत और पदाधिकारी भी ध्वजारोहण समारोह में भाग लेंगी. आयोजन को नारी शक्ति, सनातन संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के अद्भुत संगम के रूप में देखा जा रहा है.

महिलाओं के हाथों ध्वजारोहण
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, मां भगवती मंदिर पर महिलाओं के हाथों ध्वजारोहण की यह परंपरा आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण और आध्यात्मिक चेतना का प्रेरणास्रोत बनेगी. यह आयोजन उस महिला शक्ति को नमन है, जिसने राम मंदिर आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.

तैयारियां तेज
रामनगरी अयोध्या इस ऐतिहासिक पल की साक्षी बनने को तैयार है. मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है और सुरक्षा, बैठक व्यवस्था व श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां तेज कर दी गई हैं. श्रद्धा, शक्ति और सनातन परंपरा का यह महासंगम अयोध्या के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है.

रिपोर्टर: मयंक शुक्ला

ये भी पढ़ें: