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Acchi Baat: संतों की सेवा करें.. देखिए अच्छी बात धीरेंद्र शास्त्री के साथ

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमान जी की महिमा और उनकी असीमित शक्ति का वर्णन किया है. उन्होंने कहा, '10,000 एरावत के बराबर बल राजा इंद्र में है और 10,000 इंद्रों के बराबर बल हनुमान जी की पूंछ के मात्र एक रोम में है.' शास्त्री ने रामायण के प्रसंग के माध्यम से जयंत और भगवान राम के तीर की कथा सुनाई, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे अहंकार में डूबे जयंत को कहीं शरण नहीं मिली और अंततः उसे प्रभु की शरण में ही आना पड़ा. उन्होंने संतों के कोमल हृदय की व्याख्या करते हुए कहा कि जब जीवन में संत आते हैं तो संस्कृति मुस्कुराती है. इसके साथ ही उन्होंने सांसारिक डरों की चर्चा करते हुए कहा कि हनुमान जी की भक्ति करने वालों को न केवल खोया हुआ मिलता है, बल्कि जो नहीं मिला है वह भी प्राप्त होता है.