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Acchi Baat: सीता-राम नाम से होगा बेड़ा बार, देखिए अच्छी बात धीरेंद्र शास्त्री के साथ

कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कथा श्रवण के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, 'कथा सुनने से कुविचार मिटते हैं और सुविचार आते हैं, यह सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा माध्यम है.' शास्त्री ने जोर देकर कहा कि भक्तों को कथावाचक के चरण पकड़ने के बजाय उनके आचरण और वक्तव्य को अपनाना चाहिए. उन्होंने छत्तीसगढ़ को माता शबरी की पावन भूमि बताते हुए शिवरी नारायण का विशेष उल्लेख किया. प्रवचन के दौरान उन्होंने भजन 'सत्संग ही बहाना है, सांवरे से मिलने का' के माध्यम से भक्ति का संदेश दिया और चेतावनी दी कि समय रहते ईश्वर का स्मरण न करने पर अंत में केवल पछतावा ही हाथ लगता है. देखिए अच्छी बात.