बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमान कथा के दौरान भक्तों को संबोधित किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि 'राम जी को पाने का रास्ता हनुमान जी हैं और हनुमान जी को पाने का रास्ता संत हैं.' शास्त्री ने हनुमान चालीसा की चौपाई 'तुम्हरे भजन राम जी को पावै' की व्याख्या करते हुए बताया कि यदि भक्त हनुमान जी के चरणों की शरण ले लेता है, तो उसे राम जी को अलग से बुलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, वे स्वतः ही प्राप्त हो जाते हैं. उन्होंने यह भी समझाया कि हनुमान जी की भक्ति से जीवन के दुख पूरी तरह खत्म भले न हों, लेकिन वे भक्त को परेशान नहीं करते, ठीक उसी तरह जैसे आंखों की पलकें बिना किसी बटन के स्वतः ही आंखों की रक्षा करती हैं. कथा के दौरान उन्होंने डबरा के नवग्रह मंदिर की विशिष्टता का भी उल्लेख किया.