अच्छी बाक के इस एपिसोड में भोजन बनाने के सही तरीके और भगवान की भक्ति पर विस्तार से चर्चा की गई. बताया गया कि माताओं को भोजन बनाते समय फिल्मी गाने सुनने के बजाय भगवान का ध्यान करना चाहिए, जिससे भोजन 'प्रसाद' बन सके. प्रसाद का अर्थ स्पष्ट करते हुए बताया गया कि 'प्र' यानी प्रत्यक्ष, 'सा' यानी साक्षात् और 'द' यानी दर्शन. इसके साथ ही पहली रोटी गाय को और अंतिम रोटी कुत्ते को देने की प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित करने पर जोर दिया गया. वर्तमान समय में लोग इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं, जिसे सुधारने की आवश्यकता है. इसके अलावा, जीवन जीने का एक महत्वपूर्ण सूत्र दिया गया कि मनुष्य को बाहर से संसारी और अंदर से संन्यासी होना चाहिए. जिस तरह हनुमान जी ने लंका में रहते हुए भी भगवान राम को अपने हृदय में रखा, उसी तरह सांसारिक मोह-माया, कंचन और कामिनी के बीच रहते हुए भी मनुष्य को अपना सर्वस्व भगवान को मानना चाहिए. देखिए अच्छी बात.