भगवान श्री राम के जीवन और उनके आदर्शों से पूरे विश्व को कई महत्वपूर्ण शिक्षाएं मिलती हैं. राम जी ने हमेशा नारी का सम्मान किया, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का उद्धार है. उन्होंने अपनी मर्यादा को बनाए रखते हुए अहिल्या को श्राप से मुक्त किया. भारत को विश्वगुरु इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां स्त्रियों को मातृत्व का दर्जा दिया जाता है और देश को 'भारत माता' के रूप में पूजा जाता है. 500 साल बाद बन रहे राम मंदिर के संदर्भ में यह समझना जरूरी है कि भगवान राम ने 14 वर्ष का वनवास इसलिए लिया ताकि वे निषाद राज, केवट और शबरी जैसे भक्तों का मान बढ़ा सकें. राम जी ने समाज में समानता और एकता का संदेश दिया. उन्होंने हमेशा अपने भक्तों की स्वयं खोज की, चाहे वह जटायु हों, हनुमान जी हों या शबरी माता.