अच्छी बात के इस एपिसोड में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने माता सती से पार्वती के प्रकट होने की कथा सुनाई. रामचरितमानस के अनुसार, त्रेता युग में भगवान शंकर माता सती के साथ कुंभज ऋषि के पास कथा सुनने गए. कुंभज ऋषि ने भगवान शंकर का पूजन किया, जिससे माता सती के मन में संदेह उत्पन्न हुआ. उन्होंने कहा कि 'भगवान परीक्षा से प्राप्त नहीं होते हैं, भगवान प्रतीक्षा से प्राप्त होते हैं.' उन्होंने माता सबरी और शूर्पणखा का उदाहरण देकर समझाया कि शूर्पणखा ने परीक्षा ली और परिणामस्वरूप दंड पाया, जबकि सबरी ने प्रतीक्षा की और भगवान राम स्वयं उनकी झोपड़ी में आए. कथा आगे बढ़ी जब रास्ते में राम जी मिले तो भगवान शंकर ने उन्हें प्रणाम किया. माता सती को संदेह हुआ कि जिनकी पत्नी गुम गई उन्हें शंकर जी प्रणाम क्यों कर रहे हैं. देखिए अच्छी बात.