बाबा बागेश्वर ने बताया कि ऋषि गंगा के पास गुफा में साधना के दौरान एक बेहद रहस्यमयी घटना सामने आई है. कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बीच गुफा में ध्यान करते समय रात के करीब ढाई बजे किसी ने खिड़की पर जोर से लात मारी. बाहर देखने पर कोई नहीं दिखा, लेकिन गुफा का चक्कर लगाने पर एक विशाल चट्टान के ऊपर सफेद कपड़े पहने लगभग 18-19 फीट ऊंचे एक महात्मा रक्षा करते हुए दिखाई दिए. गुरु के अनुसार, यह सिद्धों और महापुरुषों की भूमि है, जहां महा अवतार बाबा जैसे संत साधकों की रक्षा करते हैं. इसके अलावा, जीवन में भक्ति और भगवान पर भरोसे का महत्व भी बताया गया है. मलूकदास जी के प्रसंग के जरिए यह समझाया गया है कि भगवान कभी किसी को भूखा नहीं सुलाते. साथ ही, भक्ति के तीन सबसे बड़े दुश्मनों- कुसंग (बुरी संगति), अहंकार और आलस्य से दूर रहने की सलाह दी गई है. भगवान के भजन, वैराग्य और दान में कभी आलस्य नहीं करना चाहिए.