सिडनी के ऐतिहासिक ओपेरा हाउस में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने विश्व शांति, सनातन धर्म और इंसानियत का संदेश दिया. अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी धर्म या संप्रदाय समाज को तोड़ना नहीं बल्कि जोड़ना सिखाता है. उन्होंने मध्य पूर्व के तनाव का जिक्र करते हुए वैश्विक शांति की आवश्यकता पर बल दिया. आध्यात्मिक गुरु ने कर्मकांडों और पाखंड पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल मंदिर में घंटी बजाने या पूजा करने से कोई धार्मिक नहीं हो जाता, बल्कि इसके लिए अच्छे कर्म और इंसानियत का होना जरूरी है. उन्होंने एक प्राचीन संत का उदाहरण देते हुए प्यासे जानवर को पानी पिलाने जैसे निस्वार्थ कर्मों को ही सच्चा धर्म बताया. इसके अलावा, उन्होंने फिजी के प्रवासी भारतीयों की प्रशंसा की, जो भारत से दूर रहकर भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं. देखिए अच्छी बात.