अच्छी बात के इस एपिसोड में पंडित धीरेंद्र शास्त्री भक्ति के महत्व और भक्त के लक्षणों पर विस्तृत चर्चा की. प्रवचन में मीराबाई की भक्ति को उदाहरण देते हुए कहा गया कि राधा ने कृष्ण से प्रेम तब किया जब कृष्ण पृथ्वी पर थे, पर मीरा ने पांच हजार साल बाद किया, ऐसे जैसे कृष्ण अभी भी सामने हों. कानपुर के नीरज नामक श्रोता के पत्र का उत्तर देते हुए गीता का संदर्भ दिया गया: 'संतुष्टः सततम योगी यतात्मा दृढनिश्चय' - भगवान कृष्ण कहते हैं कि भक्त का पहला लक्षण संतुष्ट रहना है. प्रवचन में तुलसीदास की चौपाई 'भक्ति बिना नर सोहई कैसे, लवण बिना बहु व्यंजन जैसे' का उल्लेख करते हुए समझाया गया कि जीवन में भक्ति का होना उतना ही आवश्यक है जितना भोजन में नमक. पुष्कर को त्रिदेव की भूमि बताते हुए यहां स्थित ब्रह्मा मंदिर, चामुंडा देवी सिद्धपीठ और चार शिव मंदिरों का उल्लेख किया गया.