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Acchi baat: कथा श्रोताओं के प्रकार और राम की परीक्षा का प्रसंग, देखिए अच्छी बात

अच्छी बात में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने रामचरितमानस के आधार पर माता सती से पार्वती के प्रकट होने की कथा सुनाई. त्रेता युग में भगवान शंकर माता सती के साथ कुंभज ऋषि के पास कथा सुनने गए. उन्होंने कथा श्रोताओं के चार प्रकार बताए - श्रोता, सरौता, सोता और वास्तविक श्रोता. उन्होंने कहा कि 'भगवान परीक्षा से प्राप्त नहीं होते हैं, भगवान प्रतीक्षा से प्राप्त होते हैं.' कथा में बताया गया कि जब माता सती ने भगवान राम को देखा तो उन्हें संदेह हुआ कि जिनकी पत्नी गुम गई हो वे कैसे भगवान हो सकते हैं. शंकर जी के कहने पर सती ने सीता का भेष धारण कर राम की परीक्षा ली. लक्ष्मण चौंक गए लेकिन राम जी नहीं चौंके क्योंकि सीता कभी राम के आगे नहीं चलतीं. देखिए अच्छी बात.