अच्छी बात के इस एपिसोड में भक्ति के तीन मुख्य दुश्मनों- कुसंग, अहंकार और आलस्य के बारे में विस्तार से बताया गया है. कुसंग से बचने के लिए सत्संग को जरूरी बताया गया है. इसके साथ ही जीवन में आलस्य छोड़कर समय पर भगवान का भजन और दान करने की सलाह दी गई है. कथा में बद्रीनाथ धाम के महत्व का वर्णन किया गया है, जहां ब्रह्मकपाल में भगवान शिव को ब्रह्महत्या के दोष से मुक्ति मिली थी. यहां पितरों के तर्पण का विशेष महत्व है. इसके अलावा, यह भी बताया गया है कि कैसे भगवान विष्णु ने बाल रूप धारण कर बद्रीनाथ धाम में अपना स्थान बनाया, जो मूल रूप से भगवान शिव का स्थान था. अंत में पृथ्वी पर मौजूद पंचनाथ- जगन्नाथ, रंगनाथ, द्वारकानाथ, गोवर्धननाथ और बद्रीनाथ के अलग-अलग स्वरूपों और उनकी महिमा का वर्णन किया गया है. देखिए अच्छी बात.