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Acchi Baat: राम नाम की मुद्रिका, दूत धर्म और माया-भक्ति की व्याख्या... देखिए अच्छी बात पंडित धीरेंद्र शास्त्री के साथ

प्रवचन के दौरान लंका स्थित अशोक वाटिका में हनुमान जी और माता सीता के मिलन प्रसंग का वर्णन किया गया. प्रसंग के अनुसार, अशोक वृक्ष के नीचे बैठी माता सीता के शोक निवारण के लिए हनुमान जी ने श्रीराम नाम अंकित मुद्रिका गिराई. मुद्रिका देखकर माता सीता को सांत्वना मिली. इसके बाद हनुमान जी ने वृक्ष पर बैठकर श्रीराम के गुणों की कथा सुनाई, जिससे सीता जी का संशय दूर हुआ. संवाद के दौरान हनुमान जी ने श्रीराम के दूत के रूप में अपना परिचय दिया और माता सीता को प्रभु के निरंतर स्मरण व प्रेम का विश्वास दिलाया. इसके साथ ही दूत और पुत्र के आदर्श कर्तव्यों को रेखांकित करते हुए माता-पिता के सम्मान को बढ़ाने की सीख दी गई. प्रसंग के अंत में भगवान से सांसारिक सुख या माया मांगने के स्थान पर निस्वार्थ भक्ति चुनने के आध्यात्मिक महत्व पर जोर दिया गया.