अच्छी बात के इस एपिसोड में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रवचन देते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के बाद उसे बचाना और पचाना दोनों जरूरी है. उन्होंने कहा कि 'जो तुमने पा लिया उसे बचाना भी है और उसे पचाना भी है' और हनुमान जी की शरणागति लेने पर कोई भी मिली हुई चीज नहीं छीन सकता. शास्त्री ने Paris के एक राजा और जूती सिलने वाले सुथार की कहानी सुनाई, जिसने राजा से कुछ नहीं मांगा और पांच गांव का जागीरदार बन गया. उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि बागेश्वर धाम में आकर छोटी-छोटी चीजें मांगने की बजाय बालाजी को ही जन्म-जन्म के लिए मांग लेना चाहिए. धीरेंद्र शास्त्री ने अपने गुरु और दादा गुरु का जिक्र करते हुए बताया कि वे भी बचपन में इसी धाम पर मांगने आए थे और उसके बाद खुद अर्जी लगवाने वाले बन गए. देखिए अच्छी बात.