scorecardresearch

Bharat Milap Celebration: वाराणसी और प्रयागराज में धूमधाम से मनाया गया भरत मिलाप, देखने के लिए लोगों की उमड़ी भीड़

वराणसी में नवरात्रि और दशहरा पर रावण दहन के ठीक दूसरे दिन भरत मिलाप का उत्सव काफी धूमधाम से मनाया गया. वैसे काशी में इस पर्व का आयोजन अलग- अलग जगहों पर होता रहा है. मगर यहां के नाटी इमली के भरत मिलाप की बात ही कुछ और है. दरअसल नाटी इमली के भरत मिलाप लीला की शुरुआत 480 साल पहले संत मेधा भगत ने की थी. बताया जाता है इस उत्सव में यहां का जौहरी परिवार भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के लिए चौकी को सजाता चला आ रहा है. बीती चार पीढ़ियों से जौहरी परिवार इस काम को करता चला आ रहा है. चित्रकूट रामलीला समिति द्वारा आयोजित इस उत्सव को देखने के लिए लाखों आस्थावानों की भीड़ शहर के नाटी इमली के मैदान में उमड़ी. जो ये बताने के लिए काफी है कि ये भरत मिलाप उत्सव उनके जीवन के साथ पीढ़ी दर पीढ़ी कितना जुड़ा रहा है.

In Varanasi, the festival of Bharat Milap was celebrated with great pomp on Navratri and Dussehra, just the second day after Ravana Dahan. However, this festival has been organized at different places in Kashi. But the Bharat Milap of Nati Imli here is something different.