विदेश यात्रा से वापस लौटने के बाद बागेश्वर धाम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने जीवन जीने की कला और सकारात्मक दृष्टिकोण पर विचार साझा किए. उन्होंने अपने बचपन के दिनों के अनुभव, संघर्ष और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास की बात की. उन्होंने कहा कि व्यक्ति को दूसरों में अवगुण देखने के बजाय अपने भीतर सुधार करना चाहिए और जीवन की परिस्थितियों में मुस्कुराते रहना चाहिए. धीरेंद्र शास्त्री ने भक्तों से कहा कि वे किसी के बहकावे में न आएं और केवल भगवान हनुमान जी के चरणों पर विश्वास बनाए रखें. उन्होंने श्रद्धालुओं को नियमित रूप से भक्ति पथ पर चलने और ईश्वर के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया.