बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमान जी की महिमा का वर्णन करते हुए उन्हें प्रभु राम का 'पोस्टमैन' बताया है. उन्होंने कहा, 'हनुमान जी ही एक ऐसे देवता हैं जो तुम्हारी खबर राम जी तक और राम जी की खबर तुम तक ला सकते हैं.' शास्त्री जी ने कथा में पांच प्रमुख प्रसंगों का उल्लेख किया जहां हनुमान जी ने सेतु का कार्य किया, जिनमें सुग्रीव, विभीषण, माता जानकी, राजा सुकंत और गोवर्धन पर्वत की कथा शामिल है. उन्होंने विशेष रूप से गोवर्धन पर्वत का प्रसंग सुनाया कि कैसे हनुमान जी के माध्यम से उसे द्वापर युग में भगवान कृष्ण के दर्शन और उनकी उंगली पर स्थान पाने का वरदान मिला. उन्होंने भक्तों को प्रेरित करते हुए कहा कि 'माया के गुलाम मत बनो, माधव के गुलाम बनो' क्योंकि सच्ची भक्ति से ही ईश्वर को पाया जा सकता है. शास्त्री जी ने जोर दिया कि इंसान साधनों से नहीं बल्कि साधना और उच्च आचरण से महान बनता है. अंत में उन्होंने कहा कि यदि युवा हनुमान जी के चरित्र को अपनाएं तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता.