बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रभु श्री राम के महान चरित्र और राम राज्य की अवधारणा पर प्रकाश डाला. उन्होंने रावण और मंदोदरी के बीच के एक प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि 'जब मैं राम बनकर जाता हूँ तो तुमको छोड़कर बाकी स्त्रियां मुझे बहन के समान नजर आती हैं.' शास्त्री ने जोर देकर कहा कि राम राज्य में स्त्रियों को भोग्या नहीं बल्कि पूज्य माना जाएगा. उन्होंने पंचकूला के एक शिष्य का उदाहरण देते हुए हास्य के माध्यम से समझाया कि कथा केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए होती है. उन्होंने जीवन की नश्वरता पर चर्चा करते हुए कहा कि मृत्यु के बाद केवल कर्मों की कमाई ही साथ जाती है, धन-दौलत या परिवार नहीं. शास्त्री ने श्रोताओं को प्रेरित किया कि वे भगवान के चरणों में ध्यान लगाएं क्योंकि जीवन का कोई भरोसा नहीं है.