Acchi Baat Dhirendra Shastri Ke Saath | धार्मिक सभा में प्रवचन के दौरान वक्ता ने समाज में पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति, परंपरा और देश को सुरक्षित रखने के लिए रामचरितमानस और श्रीमद्भगवद्गीता का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है. माता-पिता अपने बच्चों को उच्च शिक्षा और आधुनिकता की ओर अवश्य भेजें, लेकिन उनके बस्तों में रामायण, गीता और हनुमान चालीसा रखना न भूलें ताकि उनमें दया, पूर्वजों के आदर्श और सनातन का बोध बना रहे. उन्होंने कहा कि टूटते और बिखरते परिवार विभिन्न प्रकार के अपराधों को जन्म दे रहे हैं, इसलिए परिवारों में सामंजस्य स्थापित होना आवश्यक है. इसके अतिरिक्त उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, रावण वध के बाद मंदोदरी के साथ हुए संवाद और हनुमान जी की अनन्य भक्ति के प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए जीवन को इत्र के बजाय चरित्र से महकाने का आह्वान किया.