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Acchi Baat: जब भक्त का भोजन खाने धरती पर उतरा पूरा राम दरबार... देखिए अच्छी बात पंडित धीरेंद्र शास्त्री के साथ

यह कथा एक ऐसे सीधे-साधे व्यक्ति की है, जो केवल भोजन करने के लिए साधु बन जाता है. आश्रम में गुरुजी उसका नाम रामदास रखते हैं. एकादशी के दिन जब आश्रम में भोजन नहीं बनता, तो वह गुरुजी से कच्चा राशन लेकर नदी किनारे भोजन पकाता है. गुरुजी के निर्देश पर वह भगवान राम को भोग लगाने के लिए बुलाता है. उसकी पुकार सुनकर भगवान राम और माता सीता प्रकट होते हैं. अगली एकादशी पर भगवान राम और माता सीता के साथ लक्ष्मण जी भी आते हैं. तीसरी एकादशी पर जब वह गुरुजी से और अधिक राशन लेकर जाता है, तो भोजन बनाने से पहले ही भगवान को बुलाता है. इस बार पूरा राम दरबार वहां प्रकट हो जाता है. इतने सारे लोगों को देखकर वह भगवान से कहता है कि अब वे खुद ही अपना भोजन बनाएं और बच जाए तो उसे भी दे दें.