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Acchi Baat: बार-बार ईष्ट और गुरु को बदलने से क्या नुकसान होता है? जानिए धीरेंद्र शास्त्री से

जीवन में दुख से मुक्ति पाने के लिए संसार से आशा छोड़ कर केवल भगवान में आशा रखने का सूत्र बताया गया है. कहा गया है कि 'आशा एक राम जी से, बाकी आशा छोड़ दे, नाता एक राम जी का, दूजा नाता तोड़ दे'. गुरु या महापुरुष की छत्रछाया में रहने से संकटों से बचाव होता है और घर में शांति व समृद्धि के लिए महिलाओं को रसोई से जुड़े कुछ विशेष नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है.