कहते हैं कि सनातन धर्म में दान का बहुत महत्व है. दान से पुण्य की प्राप्ति होती है. ऐसे में कोई भक्त अगर काशी आता है तो वह दिल खोलकर चढ़ावा चढ़ाता है. इसका सीधा असर बाबा विश्वनाथ धाम की आय पर पड़ा है. ज़ाहिर है कि मंदिर की आय अब लाखों से करोड़ों में पहुंच गई है. बाबा विश्वनाथधाम को नव्य और भव्य स्वरूप मिलने बाद ना सिर्फ भक्तों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है, बल्कि श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने से मानो खुद भगवान कुबेर बाबा की तिजोरी में विराजमान हो गए हैं.
It is said that charity is very important in Sanatan Dharma. Charity leads to merit. In such a situation, if a devotee comes to Kashi, then he makes offerings openly. This has a direct impact on the income of Baba Vishwanath Dham.