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Mahakaleshwar Temple: कावड़मय हुई महाकाल की नगरी, द्वारकाधीश से उज्जैन पहुंचा 150 कांवड़ियों का दल

सावन का महीना शिव आराधना के लिए सबसे अहम माना गया है. इस महीने में भक्त भोले बाबा की आराधना के लिए कावड़ उठाते है. कावड़ यात्रा में श्रद्धालु कोसों दूर से पैदल यात्रा करते हुए उज्जैन के महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) आते हैं और बाबा महाकाल का अभिषेक कर उनका आशीर्वाद लेते हैं. आपको 150 कांवड़ियों का दल से मिलवाते हैं जो 900 किलोमीटर दूर स्थित द्वारकाधीश (Dwarkadhish) की नगरी से उज्जैन (Ujjain) आए हैं.