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Acchi Baat: मां चंद्रघंटा की पूजा से पाएं मन पर पूर्ण नियंत्रण... देखिए अच्छी बात पंडित धीरेंद्र शास्त्री के साथ

नवरात्रि के तीसरे दिन भगवती मां चंद्रघंटा देवी की पूजा की जाती है। चंद्रघंटा का अर्थ है जिनके मस्तक पर चंद्रमा विद्यमान है। चंद्रमा मन का देवता होता है और यदि साधक नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा देवी की उपासना करता है तो वो अपने मन को काबू में पा लेता है और आयु भी बढ़ती है। पहले दिन शैलपुत्री की पूजा तप साधना में विघ्न न आने के लिए की जाती है, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी की पूजा धन ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए होती है। महिषासुर नाम के दैत्य के वध की कथा में बताया गया कि जब देवता हार गए तो ब्रह्मा, विष्णु और महेश के तेज से महाशक्ति का प्रादुर्भाव हुआ। सभी देवताओं के तेज से प्रकट हुई इस महाशक्ति ने महिषासुर सहित उन राक्षसों का संहार किया जिनका संहार स्वयं भगवान विष्णु भी नहीं कर पाए थे।