ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने राधा-राधा और श्यामा नाम का संकीर्तन किया। इस दौरान मंच से वृंदावन और बरसाने की महिमा का वर्णन किया गया। कार्यक्रम में बांकेश्वर धाम और श्री सीताराम भगवान के जयकारे लगाए गए। मंच से 'सांवरियो है सेठ म्हारी राधा जी सेठानी है' और 'मेरो मन लाग्यो बरसाने में' जैसे प्रसिद्ध भजन गाए गए। इसके साथ ही वृंदावन के सिद्ध संतों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। बताया गया कि कुछ संत ब्रज से बाहर नहीं जाते हैं और उनके भजन पर्थ में भी गाए जा रहे हैं। भजनों के बीच में भक्तों को दोनों हाथ उठाकर जयकारे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। अंत में रामायण के एक प्रसंग का वर्णन किया गया, जिसमें लंका से लौटने के बाद भगवान और उनके परम भक्त के बीच हुए संवाद को सुनाया गया। भक्त ने माता सीता की खोज का पूरा श्रेय भगवान के प्रताप को दिया।