महाशिवरात्रि 2026 के अवसर पर देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ रहा है. प्रयागराज माघ मेले में इस वर्ष 22 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया, जबकि महाशिवरात्रि के दिन सुबह तक 21 लाख श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. उत्तराखंड के ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से घोषणा की गई है कि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे. आध्यात्मिक गुरु राज मिश्रा और ज्योतिषाचार्य नितेशा के अनुसार, इस वर्ष शिवरात्रि पर 8 महासंयोग और चतुर्ग्रही राजयोग बन रहे हैं. यह दिन शिवलिंग के प्राकट्य और अज्ञान के नाश का प्रतीक है. काशी विश्वनाथ सहित दिल्ली के प्राचीन मंदिरों में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच जलाभिषेक जारी है. विशेषज्ञों ने बताया कि पंचामृत अभिषेक और शिव तांडव स्तोत्र के पाठ से चंद्र दोष, राहु-केतु की पीड़ा और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है. यह महारात्रि आत्ममंथन और शिव साधना के लिए अत्यंत फलदायी मानी गई है.