scorecardresearch

लव लाइफ में बार-बार मिल रहा है धोखा? नई स्टडी का दावा- इसकी वजह आपकी किस्मत नहीं, आपके DNA में छिपी हो सकती है

अगर आपकी लव लाइफ बार-बार खराब होती है या रिश्ता लंबे समय तक नहीं टिकता, तो इसकी वजह सिर्फ आपकी किस्मत या व्यवहार ही नहीं, बल्कि आपके जीन (DNA) भी हो सकते हैं.

Unlucky in Love Unlucky in Love
हाइलाइट्स
  • नॉर्वे के हजारों लोगों पर हुई स्टडी में दिलचस्प खुलासा

  • किस्मत नहीं, फैसले ही तय करते हैं प्यार की मंजिल

कुछ लोग एक ही रिश्ते को जिंदगीभर निभा लेते हैं, जबकि कुछ के रिश्ते बार-बार टूट जाते हैं. अब वैज्ञानिकों ने इस सवाल का एक नया जवाब खोजने की कोशिश की है. नई रिसर्च के मुताबिक, रिश्तों की सफलता या असफलता में सिर्फ स्वभाव, परिस्थितियां या पार्टनर ही नहीं, बल्कि हमारे DNA की भी कुछ भूमिका हो सकती है. हालांकि विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि प्यार और शादी का भविष्य सिर्फ जीन नहीं, बल्कि इंसान के फैसले और रिश्ते निभाने का तरीका तय करते हैं.

हजारों लोगों के DNA की जांच में मिला नया संकेत
नॉर्वे के वैज्ञानिकों ने हजारों लोगों के DNA और उनके रिश्तों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया. यह अध्ययन दुनिया के सबसे बड़े पारिवारिक स्वास्थ्य शोधों में शामिल Norwegian Mother, Father and Child Cohort Study के डेटा पर आधारित है. शोधकर्ताओं ने किसी एक डिवोर्स जीन की तलाश नहीं की. इसके बजाय उन्होंने हजारों छोटे-छोटे आनुवंशिक बदलावों (Genetic Variants) को एक साथ जोड़कर देखा कि उनका रिश्तों पर कितना असर पड़ता है.

इन लोगों के रिश्ते ज्यादा टिकाऊ पाए गए
रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों के जीन उच्च शिक्षा हासिल करने, बेहतर मानसिक संतुष्टि (Wellbeing) और जीवन में देर से माता-पिता बनने जैसी प्रवृत्तियों से जुड़े थे, उनके रिश्ते अपेक्षाकृत अधिक लंबे और स्थिर रहे. वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे लोग अक्सर सोच-समझकर फैसले लेते हैं, भावनात्मक रूप से अधिक संतुलित होते हैं और रिश्तों को संभालने में धैर्य दिखाते हैं. यही वजह उनके रिश्तों को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है.

धूम्रपान औकी प्रवृत्ति बढ़ा सकती है ब्रेकअप का खतरा
अध्ययन में यह भी सामने आया कि जिन लोगों में धूम्रपान करने, ज्यादा जोखिम उठाने या कम उम्र में यौन संबंध बनाने की आनुवंशिक प्रवृत्ति थी, उनमें रिश्ते टूटने की संभावना थोड़ी अधिक देखी गई. हालांकि वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसे लोगों का रिश्ता जरूर टूटेगा. यह केवल जोखिम में हल्की बढ़ोतरी का संकेत देता है.

'डिवोर्स जीन' जैसी कोई चीज नहीं होती
शोध की प्रमुख वैज्ञानिक रूथ ईवा योर्गेनसन ने कहा कि रिश्ते किसी एक जीन से तय नहीं होते. उनके अनुसार, अगर किसी रिश्ते को एक जिग्सॉ पजल माना जाए तो जीन उसके कुछ टुकड़ों की तरह हैं. पूरा चित्र तब बनता है जब उसमें व्यक्ति का स्वभाव, परवरिश, जीवन के अनुभव, साथी का व्यवहार और आसपास का माहौल भी शामिल होता है. यानी केवल DNA किसी रिश्ते की सफलता या असफलता तय नहीं कर सकता.

भाई-बहनों की तुलना से मजबूत हुए सबूत
यह जांचने के लिए कि कहीं सिर्फ पारिवारिक माहौल ही जिम्मेदार तो नहीं, वैज्ञानिकों ने भाई-बहनों की भी तुलना की. चूंकि भाई-बहन एक जैसे माहौल में बड़े होते हैं लेकिन उनके जीन पूरी तरह समान नहीं होते, इसलिए उनके रिश्तों के अलग-अलग नतीजों ने यह संकेत दिया कि आनुवंशिक अंतर भी कुछ भूमिका निभाते हैं.

महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग असर
शोध के मुताबिक, महिलाओं में रिश्ते टूटने की संभावना में करीब 9 प्रतिशत और पुरुषों में लगभग 3 प्रतिशत अंतर सामान्य आनुवंशिक बदलावों से जुड़ा पाया गया. हालांकि इसका बड़ा हिस्सा अब भी जीवनशैली, सामाजिक परिस्थितियों, पारिवारिक माहौल और व्यक्तिगत फैसलों पर निर्भर करता है.