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ISRO की बड़ी तैयारी, 80 से ज्यादा सैटेलाइट पर चल रहा काम- इम्तियाज अहमद

बिहार के समस्तीपुर के एक स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में इसरो (ISRO) के प्रोग्राम डायरेक्टर इम्तियाज अहमद ने कहा कि देश में 80 से ज्यादा महत्वपूर्ण सैटेलाइट मिशन पर काम हो रहा है. इसमें कई ऐसे सैटेलाइट्स हैं, जो गगनयान की रिक्वायरमेंट को पूरा करेंगे. गगनयान के सिग्नल को अर्थ पर पहुंचने के लिए IVRS मिशन है. वह सैटेलाइट भी लांच होने वाला है.

ISRO Golden Jubilee Celebration ISRO Golden Jubilee Celebration

बिहार के समस्तीपुर में आयोजित कार्यक्रम में इसरो के प्रोग्राम डायरेक्टर इम्तियाज अहमद ने बताया कि देश में 80 से ज्यादा महत्वपूर्ण सैटेलाइट मिशन पर काम हो रहा है. उन्होंने बताया कि बहुत सारे सैटेलाइट देश में लॉन्च होने वाले हैं. इम्तियाज अहमद इसरो के 50 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत र रहे थे.

ISRO के 50 साल पूरे होने पर कार्यक्रम-
इसरो (ISRO) के स्थापना के 50 साल पूरे होने पर इसरो गोल्डन जुबली मना रही है. इसके तहत स्कूलों में छात्रों के बीच कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं. इसी के तहत समस्तीपुर के एक स्कूल में इसरो ने एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया. इसमें छात्रों ने इसरो से संबंधित कई कलाकृतियां बनाई. जिसमें मिसाइल से लेकर सैटेलाइट तक को दिखाया गया. इस दौरान क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया.

80 से ज्यादा सैटेलाइट मिशन पर काम- इम्तियाज अहमद
इसरो के प्रोग्राम डायरेक्टर इम्तियाज अहमद ने बताया कि बहुत सारे सेटेलाइट अभी देश में लॉन्च होने वाले हैं. अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट लांच होने के लिए तैयार हो रहे हैं. एनएसआईएल सैटेलाइट भी लॉन्च होगी. महत्वपूर्ण आंतरिक मिशन पर काम हो रहा है. देश में 80 से ज्यादा महत्वपूर्ण सैटेलाइट मिशन पर काम हो रहा है. देश में सैटेलाइट बहुत एप्लीकेशंस है, साइंटिफिक इन्नोवेशंस है, डिजास्टर मैनेजमेंट है, हमारे सिक्योरिटीज के लिए है, नेविगेशन पर्पस के लिए है, वेदर फोरकास्टिंग के लिए है, यह सब सैटेलाइट उसके लिए इस्तेमाल होगा. कम्युनिकेशन के लिए इस्तेमाल होगा. बहुत से सैटेलाइट, जो गगनयान की रिक्वायरमेंट को पूरा करेगा. गगनयान के सिग्नल को अर्थ पर पहुंचने के लिए IVRS मिशन है. वह सैटेलाइट हमारा लांच होने वाला है.

हम रिमोट इलाकों में बच्चों से मिल रहे हैं- इम्तियाज
प्रोग्राम डायरेक्टर इम्तियाज अहमद ने बताया कि आर्यभट सैटेलाइट लॉन्च किया था, उसके 50 साल पूरे हो गए हैं तो आज पार्ट आफ सेलिब्रेशन हम लोग रिमोट प्लेस में जहां-जहां पॉसिबल है, स्टूडेंट से जाकर मिल रहे हैं. इसरो का ऑफिस प्रोग्राम है, जहां पर बच्चों से मिलकर बच्चों को इंस्पायर कर रहे हैं कि क्या-क्या पॉसिबल है. देश में क्या-क्या चीज हो रही हैं. ये बच्चे इसरो जैसे संस्थाओं से जुड़े, साइंस टेक्नोलॉजी से जुड़े, उनके लिए इंस्पिरेशन हों, यह हमारा उद्देश्य है. यह आउटेज प्रोग्राम है.

बच्चों में बहुत ज्यादा पोटेंशियल है- इम्तियाज अहमद
इम्तियाज अहमद ने कहा कि जब हम बच्चों से मिलते हैं तो बहुत से सवाल, जो उनकी क्यूरियोसिटी है, बहुत सी जिज्ञासा है, वह सब प्रश्न पूछते हैं और वह प्रश्नों का जवाब उन लोगों को दिया जाता है, ताकि बच्चे उन चीजों से रिलेट कर पाएं. उन्होंने कहा कि बच्चों में बहुत ज्यादा पोटेंशियल है और उनके बीच काफी जिज्ञासा है, खासकर चंद्रयान लॉन्च के बाद बच्चों में और भी जिज्ञासा बढ़ गई. इसरो सेंटर आफ एक्सीलेंस है और बच्चे उससे जुड़ना चाहते हैं. उसके बारे में जानना चाहते हैं और बच्चों को यह भी है जिज्ञासा है कि इसरो को कैसे ज्वॉइन करें. इसको लेकर क्विज कंपटीशन, पेंटिग कंपटीशन, मेमोरी कंपटीशन कराया जा रहा है. छोटे-छोटे बच्चों ने मिसाइल सैटेलाइट का ऐसा मॉडल बनाया कि आप सोच भी नहीं सकते हैं.

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