PM Narendra Modi and UN Chief Antonio Guterres
PM Narendra Modi and UN Chief Antonio Guterres
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस गुजरात के नर्मदा में दुनिया की सब से ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा को पुष्पांजलि आर्पित करेंगे. इसके अलावा पीएम नरेंद्र मोदी के साथ पर्यावरण के लिए जीवन शैली अभियान यानी लाइफ स्टाईल फॉर एनवायरमेंट में भाग लेंगे. भारत के राजदूत और उच्चायुक्त 19 से 22 अक्टूबर को टेंट सिटी 2 में केवडिया सम्मेलन में मिशन के प्रमुख (एचओएम) सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री सहित 120 हेड ऑफ मिशन उपस्थित रहेंगे. गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया को अब एकता नगर नाम दिया गया है.
क्या है लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट अभियान?
लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (LiFE) अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2021 में ग्लासगो में COP26 में लॉन्च किया गया था. पीएम ने वैश्विक नेताओं से पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली को अपनाकर पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया था. पीएम मोदी ने पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय जन आंदोलन के रूप में चलाने का आग्रह किया था. मिशन का उद्देश्य व्यक्तिगत स्तर पर और सामुदायिक स्तर पर मैक्रो उपायों और कार्यों को लागू करके जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का मुकाबला करना है.
पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाएं
बताते चलें कि संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के अनुसार, अगर आठ अरब की वैश्विक आबादी में से एक अरब लोग अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण के अनुकूल व्यवहार अपनाते हैं, तो वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने संबोधन में कहा था कि LiFE का दृष्टिकोण एक ऐसी जीवन शैली जीना है जो हमारे ग्रह के अनुरूप हो और इसे नुकसान न पहुंचाए. ऐसी जीवन शैली जीने वालों को "प्रो-प्लैनेट पीपल" कहा जाता है.
गुजरात को देंगे करोड़ों की सौगात
प्रधानमंत्री लगभग 4260 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ गुजरात में मिशन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ करेंगे, जूनागढ़ में करीब 3580 करोड़ रुपये और व्यारास में 1970 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. इसके अलावा, पीएम मोदी 19-20 अक्टूबर को गुजरात का दौरा करेंगे और करीब 15,670 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे.
बता दें, भारत के 100 से ज्यादा राजदूत केवड़िया आ रहे हैं. इतनी बड़ी संख्या में वीवीआईपी लाए जाने वाले हैं, ऐसे में भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है, जो सबसे तेज है और काफी बड़ा हेलीकॉप्टर है.
(इनपुट: नरेंद्र पेपरवाला)