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Fact Check | चीनी सैनिकों की तलाशी वाला वीडियो अरुणाचल का है? क्या है इसका सच

सोशल मीडिया पर वायरल दावों की पड़ताल में तीन वीडियो से जुड़ी जानकारी सामने रखी गई. अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय जवानों की तलाशी लेने का बताया गया वीडियो वास्तव में मई 2026 में बेंगलुरु में हुई आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल का हिस्सा बताया गया. फ्रांस के विरोध प्रदर्शनों से जोड़कर साझा किए गए दो वीडियो भी वहां के नहीं निकले. महिला पर पुलिस की गोलीबारी वाला वीडियो ब्राजील के साओ पाउलो का और पुलिसकर्मियों से भिड़ती बुजुर्ग महिला का वीडियो अल्बानिया की राजधानी तिराना का बताया गया. कार्यक्रम में कर्नाटक के कलाकार अमर काली की हल्दी और मिर्च पाउडर से बनाई गई विशाल पेंटिंग, महाबोधि मंदिर के पास भिक्षु और जरूरतमंद व्यक्ति का वीडियो, बड़े आकार की स्कूल ड्रेस पहने बच्ची, खिलौना गाड़ियों की पूजा और 80 वर्षीय बुजुर्ग के योगासन भी दिखाए गए.