सोशल मीडिया पर दो भ्रामक दावों वाले वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनकी पड़ताल गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम ने की है. पहले मामले में दावा किया जा रहा था कि जेल से रिहा होने के बाद कोकड़ो जना पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके मंच पर रो पड़े. जांच में यह दावा भ्रामक साबित हुआ. पड़ताल के अनुसार यह वीडियो 18 जुलाई 2026 का है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस जबरन अस्पताल ले गई थी, जिस पर अभिजीत दीपके भावुक हुए थे. दूसरे मामले में दावा किया गया कि फ्रांस की पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए 'पिग स्क्वाड' तैयार किया है. जांच में पाया गया कि यह वीडियो पूरी तरह से एआई जनरेटेड है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है.