सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख वीडियो की गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पड़ताल की है. पहले मामले में दावा किया गया था कि दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पिजशकीआन ने हिंदू धर्मगुरु के पैर छुए. पड़ताल में सामने आया कि जमीन पर गिरे दस्तावेज और पेन को उठाने के लिए राष्ट्रपति नीचे झुके थे, जिसे कैमरे के खास एंगल से गलत संदर्भ में पेश किया गया. कार्यक्रम में मौजूद जैन धर्मगुरु आचार्य लोकेश मुनि ने पैर छूने के दावे को पूरी तरह गलत बताया. दूसरे मामले में दावा किया गया कि अमेरिका के एक अस्पताल की लैब से AI रोबोट बेकाबू होकर सड़क पर दौड़ने लगा. जांच में वीडियो के कई फ्रेम में खामियां मिलीं और पुष्टि हुई कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से तैयार किया गया था और असली नहीं है.