सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख वीडियो की पड़ताल में बड़े तथ्य सामने आए हैं। पहले दावे में बिहार के बेगूसराय में राहुल गांधी की हालिया पदयात्रा का बताकर एक वीडियो साझा किया जा रहा था, जिसमें भारी भीड़ दिख रही है। पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो हाल का नहीं बल्कि अप्रैल 2025 में आयोजित 'पलायन रोको, नौकरी दो' यात्रा का है। वहीं, दूसरे मामले में फ्रांस में प्रदर्शनों के दौरान एफिल टॉवर पर फिलिस्तीनी झंडा फहराने का दावा किया गया। वीडियो की तकनीकी जांच और विभिन्न एआई डिटेक्शन टूल्स के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ कि यह वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की मदद से तैयार किया गया है और इसका वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है। बुलेटिन में इसके अलावा सोशल मीडिया पर पसंद किए जा रहे कई सकारात्मक और भावनात्मक वीडियो भी दिखाए गए।