सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो अलग-अलग दावों की फैक्ट चेक टीम द्वारा पड़ताल की गई. पहले दावे में कहा जा रहा था कि पुलिस सीजेपी प्रदर्शन में शामिल छात्रों को ढूंढ-ढूंढ कर गिरफ्तार कर रही है. हालांकि जांच में सामने आया कि यह वीडियो फरवरी का है और दिल्ली विश्वविद्यालय के मॉरिस नगर थाने में हुए विवाद से जुड़ा है. इसका हालिया सीजेपी प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है. दूसरे दावे में एक व्यक्ति द्वारा थार गाड़ी में आग लगाने की कोशिश के वीडियो को सीजेपी प्रदर्शन का बताया गया. पड़ताल में पाया गया कि यह घटना बिहार के गया में हुई सड़क दुर्घटना के बाद का है, जिसे गलत संदर्भ में शेयर किया जा रहा था. इसके अलावा बुलेटिन में बच्चों और जानवरों से जुड़े सोशल मीडिया के कई वायरल और मजेदार वीडियो भी दिखाए गए.