सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों और फर्जी वीडियोज की बाढ़ के बीच दो बड़े मामलों की तथ्यपरक पड़ताल की गई. पहले मामले में दावा किया गया कि दिल्ली के रामलीला मैदान में चुनाव आयोग के खिलाफ 1 नवंबर को आयोजित INDIA गठबंधन की रैली में भारी जनसैलाब उमड़ा. जांच में सामने आया कि यह वीडियो असल में 14 दिसंबर 2025 का है, जब कांग्रेस ने कथित वोट चोरी के खिलाफ 'वोट चोर, गद्दी छोड़' महारैली की थी, जिसे अब हालिया बताकर साझा किया गया. दूसरे मामले में दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन के नाम पर एक वीडियो वायरल हुआ. पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो दिल्ली का नहीं बल्कि गुजरात के गांधीनगर में सत्याग्रह छावनी का है, जहां वन रक्षक अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे. दिल्ली पुलिस ने भी इस दावे को पूरी तरह भ्रामक बताया.