झारखंड के जमशेदपुर में चिन्मय महतो ने रेडियो के प्रति अपने जुनून को एक मिनी म्यूजियम में बदल दिया है. उनके पास 900 से अधिक पुराने और नए रेडियो ट्रांजिस्टर का संग्रह है, जिसमें बुश, मर्फी और फिलिप्स जैसी कंपनियों के दुर्लभ सेट शामिल हैं. 1962 से शुरू हुए इस संग्रह का उद्देश्य नई पीढ़ी को रेडियो के इतिहास से अवगत कराना है. दूसरी ओर, मुंबई की कलाकार और समाज सेविका रूबल नागी ने दुबई में आयोजित वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में 'ग्लोबल टीचर प्राइज 2026' जीतकर इतिहास रचा है. वह यह सम्मान पाने वाली पहली भारतीय महिला हैं. रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन के माध्यम से उन्होंने कला आधारित शिक्षा के जरिए 10 लाख से अधिक बच्चों को लाभान्वित किया है. वर्तमान में उनके 800 से ज्यादा लर्निंग सेंटर्स संचालित हैं. पुरस्कार में मिली 10 लाख डॉलर की राशि का उपयोग वह मुफ्त वोकेशनल ट्रेनिंग संस्थान बनाने के लिए करेंगी. यह वीडियो चिन्मय महतो के रेडियो संग्रह और रूबल नागी की वैश्विक उपलब्धि के महत्वपूर्ण तथ्यों को प्रस्तुत करता है.