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खेल

घर लौटीं चैंपियन बेटियां, CM से लेकर हॉकी प्रेमियों तक ने किया जोरदार स्वागत

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एशियन गेम्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है. भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल हासिल किया है. भारतीय महिला हॉकी टीम की ऐतिहासिक स्वर्णिम जीत के बाद झारखंड की 4 चैंपियन बेटियां रांची पहुंचीं. 

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कप्तान समेत 4 खिलाड़ी पहुंची घर-
टीम की कप्तान सलीमा टेटे, ओलंपियन निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और युवा स्टार दीपिका सोरेंग के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचते ही जश्न का माहौल बन गया. हॉकी खिलाड़ियों को जबरदस्त स्वागत किया गया.

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सीएम सोरेन ने किया सम्मानित-
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर स्वर्णिम इतिहास रचने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की झारखंडी खिलाड़ियों ने मुलाकात की. इन खिलाड़ियों में भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग एवं दीपिका सोरेंग शामिल थीं.

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गोल्ड जीतने में निभाई अहम भूमिका-
जापान के आइची-नागोया में चीन को 1-0 से हराकर भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है. इस ऐतिहासिक उपलब्धि में झारखंड की चार खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही है.

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एयरपोर्ट पर भी हुआ जोरदार स्वागत-
चारों खिलाड़ियों के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर हॉकी खिलाड़ी, प्रशिक्षक, परिजन और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मौजूद रहे. खिलाड़ियों के बाहर निकलते ही ढोल-नगाड़े बजने लगे। फूल-मालाओं, बुके और मिठाइयों से उनका स्वागत किया गया. खेलप्रेमियों ने हॉकी स्टिक उठाकर अपनी चैंपियन बेटियों के सम्मान में नारे लगाए. पूरा एयरपोर्ट परिसर 'भारत माता की जय' और 'झारखंड की बेटियां जिंदाबाद' के नारों से गूंज उठा.

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सलीमा टेटे की कप्तानी, निक्की प्रधान के अनुभव और ब्यूटी डुंगडुंग व दीपिका सोरेंग के युवा जोश ने झारखंड की हॉकी प्रतिभा को एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है.

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गांव के छोटे मैदानों और पगडंडियों से निकलकर एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक तक पहुंचीं इन बेटियों की उपलब्धि झारखंड की समृद्ध हॉकी परंपरा की मिसाल है. इन चैंपियन खिलाड़ियों का सम्मान अब सिर्फ एक जीत का जश्न नहीं, बल्कि राज्य की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी है.