CM yogi Adityanath and Swati Chaudhary
CM yogi Adityanath and Swati Chaudhary
एशियन पैरा गेम्स-2026 में तीरंदाजी की महिला W1 स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली उत्तर प्रदेश की बेटी स्वाति चौधरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी है. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि स्वाति की सफलता भारत के अनगिनत युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी.
स्वाति चौधरी की उपलब्धि पर सीएम योगी ने जताया गर्व-
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी को आप पर गर्व है. उन्होंने स्वाति के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं. वहीं, योगी सरकार के कार्यकाल में खेलों के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में व्यापक बदलाव देखने को मिला है. सरकार ने खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाओं, आर्थिक सहायता, पुरस्कार और सरकारी नौकरी तक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया है. उद्देश्य प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए अनुकूल माहौल देना है.
प्रदेश में स्टेडियम, बहुउद्देशीय क्रीड़ा हॉल, स्विमिंग पूल और सिंथेटिक कोर्ट जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. एक जनपद-एक खेल योजना के तहत सभी 75 जिलों में खेलो इंडिया सेंटर स्वीकृत किए गए हैं. इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को प्रशिक्षण, खेल किट और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था है.
खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए लखनऊ, गोरखपुर, सैफई, फतेहपुर और सहारनपुर में पांच स्पोर्ट्स कॉलेज संचालित हैं. यहां 14 खेलों में प्रशिक्षण के साथ खिलाड़ियों को निःशुल्क आवास, भोजन और शिक्षा की सुविधा मिलती है. वहीं मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना खेल शिक्षा और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण को नई दिशा देने की पहल है.
पदक पर करोड़ों का पुरस्कार, नौकरी के अवसर-
योगी सरकार ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सम्मान देने के लिए आकर्षक पुरस्कार राशि निर्धारित की है. ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने पर छह करोड़, रजत पदक पर चार करोड़ और कांस्य पदक पर दो करोड़ रुपये देने का प्रावधान है. लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कारों के जरिए उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया जाता है. खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सरकारी नौकरियों में अवसर बढ़ाए गए हैं. अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए राजपत्रित पदों पर नियुक्ति का प्रावधान है.
गांवों में खेल मैदानों के विकास और गोरखपुर व वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों के निर्माण से खेल सुविधाओं को और विस्तार मिलने की उम्मीद है. खेल नीति-2023 के तहत सरकार का जोर प्रतिभा की पहचान, बेहतर प्रशिक्षण और खिलाड़ियों को रोजगार से जोड़ने पर है. इन पहलों के जरिए उत्तर प्रदेश में खेलों को नई पहचान देने और युवाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार करने की कोशिश की जा रही है.
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