FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026
दुनिया का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स टूर्नामेंट फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) की शुरुआत 11 जून (भारतीय समय के अनुसार 12 जून) से हो रही है. फाइनल मुकाबला 19 जुलाई 2026 को खेला जाएगा. इस बार फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी तीन देश अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको कर रहे हैं. इस बार इस फुटबॉल वर्ल्ड कप में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं. 16 शहरों में कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे. इस बार फुटबॉल वर्ल्ड कप में कई नए नियम देखने को मिलेंगे. ये नियम खिलाड़ियों पर लगाम कसने और मैच के दौरान अनुशासन के साथ ही पारदर्शिता बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाएंगे. यदि कोई खिलाड़ी मुंह पर हाथ रखकर किसी विरोधी टीम के खिलाड़ी को कुछ कहता हुआ दिखा तो उसे रेड कार्ड दिया जा सकता है.
2 नहीं होंगे 4 ब्रेक
FIFA वर्ल्ड कप 2026 में 2 नहीं बल्कि 4 ब्रेक होंगे. पहले फुटबॉल मैच दो 45 मिनट के हाफ में खेले जाते थे, बीच में 15 मिनट का हाफटाइम ब्रेक होता था. अब दोनों हाफ के बीच में अब एक-एक बार 3-3 मिनट का ब्रेक लिया जाएगा. इस तरह से कुल 4 ब्रेक होंगे. पहले हाफ के दौरान ये ब्रेक 22वें मिनट में लिया जाएगा. दूसरे हाफ में 67वें मिनट के आसपास ये ब्रेक मिलेगा.
गोल-किक काउंटडाउन
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में खिलाड़ी को थ्रो-इन का मौका मिलने पर तुरंत समय खराब किए बिना शॉट लेना होगा. थ्रो-इन में जानबूझकर देरी पर मैच रेफरी सीटी बजाकर इसका इशारा करेगा. यदि रेफरी को लगता है कि गोल किक में देरी हो रही है तो 5 सेकेंड का विजुअल काउंडटाउन शुरू हो जाएगा. यदि 5 सेकेंड के अंदर गेद प्ले के अंदर नहीं आती है तो गोल किक विरोधी टीम के लिए कॉर्नर में बदल जाएगी. इसी तरह का 5 मिनट का काउंटडाउन विरोधी टीम के थ्रो-इन के लिए लागू होगा. ड्रॉप बॉल केस में खेल न रुकने की स्थिति में गेंद को अपने पास रखने वाली टीम को इसका कब्जा मिलेगा.
...तो दिया जा सकता है रेड कार्ड
यदि कोई खिलाड़ी मैच के दौरान मुंह पर हाथ रखकर किसी विरोधी टीम के खिलाड़ी को कुछ कहता हुआ दिखा तो उसे रेड कार्ड दिया जा सकता है. यदि कोई खिलाड़ी पिच को छोड़कर जाता है और ऑफीशियल को फैसले का विरोध करता है तो उसे भी रेड कार्ड दिया जा सकता है. रेड कार्ड टीम के किसी भी ऑफीशियल को दिया जा सकता है, जो किसी खिलाड़ी को मैच आफीशियल के फैसले के कारण मैदान छोड़ने के लिए उकसाएगा. यदि कोई टीम रेफरी के किसी फैसले के विरोध में या किसी अन्य वजह से मैदान से बाहर चली जाती है तो पूरी टीम को सजा के तौर पर रेड कार्ड दिखाया जा सकता है.
चोट लगने पर उपचार की समय सीमा
फुटबॉल मैच के दौरान चोट लगने पर खिलाड़ी के लिए फिजियो से ऑन-फील्ड उपचार लेने की भी समयसीमा तय हुई है. ऐसे खिलाड़ी को इलाज कराने के बाद कम से कम एक मिनट के लिए मैदान से बाहर रहना होगा. यदि गोलकीपर को चोट लगती है और मेडिकल टीम उसकी जांच कर रही है तो ऐसी स्थिति में किसी भी टीम के खिलाड़ी टेक्निकल एरिया यानी डग आउट में जाकर कोचिंग स्टाफ से बात नहीं कर सकेंगे.
मैच के बीच में खिलाड़ी को बदलने के लिए मिलेंगे इतने सेकेंड
फुटबॉल मैच के बीच में खिलाड़ी को बदलने के लिए 10 सेकेंड की समय सीमा रहेगी. रेफरी के बदलाव का संकेत देने के 10 सेकेंड के अंदर ही दोनों खिलाड़ियों को अंदर-बाहर आना-जाना होगा. 10 सेकेंड में बदलाव नहीं होने पर टीम को 60 सेकेंड तक एक खिलाड़ी के बिना ही मैच में आगे खेलना होगा.
रेफरी के लिए बढ़ेगी वीएआर की मदद
किसी थ्रो-इन, कॉर्नर किक या पेनल्टी के दौरान गेंद के मैदान पर आने से पहले ही कोई भी खिलाड़ी फाउल करता है तो वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) इसकी जांच कर सकता है और सजा दे सकता है. अभी तक VAR सिर्फ तभी दखल देता है जब एक्शन जारी रहता है. यदि कभी मैच रेफरी कोई गलत कॉर्नर किक देता है या फिर किसी खिलाड़ी को एक ही मैच में दूसरी बार येलो कार्ड दिखाता है तो इन दोनों मामलों में VAR दखल देकर फैसला पलट सकता है.