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ICC ने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट के नियमों में किए बदलाव, धीमी ओवर गति पर फील्डिंग टीम को लगेगी पेनल्टी

आईसीसी के मुताबिक ओवर रेट नियमों को खेल की परिस्थितियों के खंड 13.8 में दर्ज किया गया है, जो यह निर्धारित करता है कि एक फील्डिंग टीम के अंत के लिए निर्धारित या पुनर्निर्धारित समय तक पारी के अंतिम ओवर की पहली गेंद फेंक देना है.” आईसीसी ने कहा, “यदि वे ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो पारी के शेष ओवरों के लिए 30 यार्ड सर्कल के बाहर सिर्फ एक फील्डर को अनुमति दी जाएगी.

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नए नियम के अनुसार अब टी20 क्रिकेट में धीमी गति से ओवर फेंकने पर पेनल्टी लगेगी. नए नियम के अनुसार अब टी20 क्रिकेट में धीमी गति से ओवर फेंकने पर पेनल्टी लगेगी.
हाइलाइट्स
  • धीमी ओवर गति पर फील्डिंग टीम को किया जाएगा दंडित

  • आईसीसी क्रिकेट समिति ने बदलाव की थी सिफारिश 

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट यानी टी20 के लिए कुछ नए नियम बनाए हैं. ये नियम 16 जनवरी को जमैका के सबीना पार्क में वेस्टइंडीज और आयरलैंड के बीच खेले जाने वाले मैच से लागू होंगे. नए नियम के अनुसार अब टी20 क्रिकेट में धीमी गति से ओवर फेंकने पर पेनल्टी लगेगी. यूं तो पहले छह ओवर के बाद 30 गज के बाहर पांच फील्डर रखे जा सकते हैं. लेकिन अगर फील्डिंग पक्ष ओवरगति के नियम का पालन नहीं करता है तो उसे चार फील्डर ही रखने की अनुमति होगी. इसके अलावा  मैच के दौरान ड्रिंक्स इंटरवल को लेकर भी नियम बनाए गए हैं. आईसीसी ने द्विपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय टी20 मैचों में पारी के बीच 2:30 मिनट के वैकल्पिक ड्रिंक्स ब्रेक को भी शामिल किया है.

धीमी ओवर गति पर फील्डिंग टीम को किया जाएगा दंडित 

आईसीसी के नए रूल के मुताबिक धीमी ओवर गति पर फील्डिंग टीम को इसके लिए दंडित किया जाएगा. इन परिस्थितियों में इसे खंड 13.8 का उल्लंघन माना जाएगा. टीम को निर्धारित समय तक विपक्षी टीम की पारी को समाप्त करना होगा. गेंदबाजी छोर पर खड़ा अंपायर फील्डिंग करने वाली टीम, बल्लेबाज और दूसरे अंपायर को पारी की शुरुआत से पूर्व ही निर्धारित समय और कोई बाधा होने पर नए सिरे से निर्धारित समय की जानकारी दे देगा.

आईसीसी क्रिकेट समिति ने की थी बदलाव की सिफारिश 

आईसीसी के मुताबिक ओवर रेट नियमों को खेल की परिस्थितियों के खंड 13.8 में दर्ज किया गया है, जो यह निर्धारित करता है कि एक फील्डिंग टीम के अंत के लिए निर्धारित या पुनर्निर्धारित समय तक पारी के अंतिम ओवर की पहली गेंद फेंक देना है.” आईसीसी ने कहा, “यदि वे ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो पारी के शेष ओवरों के लिए 30 यार्ड सर्कल के बाहर सिर्फ एक फील्डर को अनुमति दी जाएगी. आईसीसी क्रिकेट समिति द्वारा इस बदलाव की सिफारिश की गई थी, जो नियमित रूप से सभी प्रारूपों में खेलने की गति में सुधार के तरीकों पर चर्चा करता रहता है.