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अपनों को गंवाने के बाद बिहार के आकाशदीप ने छू लिया IPL का आसमान, मौका मिलते ही गेंद से पिच पर लिख डाली किस्मत

बिहार के रोहतास के रहने वाले आकाशदीप का क्रिकेट को लेकर जुनून ही था, जिसकी वजह से आज हर किसी की जुबां पर उनका नाम और उनके किस्से हैं. कोलकाता जाकर बंगाल क्रिकेट में जगह बनाने से लेकर आईपीएल में मौका भुनाने तक देखें अब तक कैसा रहा आकाशदीप का सफर.

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IPL में आकाशदीप ने भुनाया मौका IPL में आकाशदीप ने भुनाया मौका
हाइलाइट्स
  • आकाशदीप बचपन से ही बनना चाहते थे क्रिकेटर

  • बिहार क्रिकेट एसोसिएशन बंद होने के बाद छोड़ना पड़ा था घर

अपने नाम की ही तरह आकाशदीप इन दिनों आकाश से ऊंची उड़ान भी भर रहे हैं और दीप की तरह जगमगा भी रहे हैं. एक समय पर अपना घर छोड़ने को मजबूर इस खिलाड़ी ने हाथ लगे मौके को ऐसे भुनाया की अपने सभी सपनों को जैसे पूरा कर लिया हो. बिहार के रोहतास के रहने वाले आकाशदीप को यह सफलता ऐसे ही हासिल नहीं हुई. नक्सलवाद की यादें, पिता और भाइयों की मौत का दुख, सिर पर बहनों की शादी की जिम्मेदारी, मां की फिक्र और केवल खुद के सपनों के साथ कोलकाता पहुंचे थे आकाशदीप. 

यह आकाशदीप का जुनून ही था, जो उन्होंने बिना किसी की मदद के कोलकाता जाकर बंगाल क्रिकेट में जगह भी बनाई लेकिन, उन्हें इतने में ही कहां रुकना था. अपनी लगन और मेहनत के दम पर वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का हिस्सा बने. हालांकि, उन्हें टीम ने पिछले साल ही खरीद लिया था लेकिन, उन्हें खेलना नसीब नहीं हुआ. इस बार भरोसा जताते हुए उन्हें आरसीबी के स्क्वॉड में शामिल किया गया. उन्होंने इस मौके पर चौका मारा और तीन बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया. 

बचपन से ही बनना चाहते थे क्रिकेटर 

आकाशदीप बचपन से ही क्रिकेटर बनने का सपना देखते थे. उनके पिता रामजी सिंह एक शिक्षक थे, जोकि अब इस दुनिया में नहीं हैं. उनकी मां लड्डूमा देवी हाउस वाइफ हैं. उन्होंने बचपन से ही गरीबी देखी और कई दुख झेले. पांच साल पहले अपने पिता को और लंबी बीमारी के कारण अपने दो बड़े भाइयों को भी खो दिया. परिवार को अकेला छोड़ना नहीं चाहते थे लेकिन, बिहार क्रिकेट एसोसिएशन पर बैन लगने के बाद उन्हें घर छोड़कर जाना पड़ा. हालांकि, दूर रहकर भी उन्होंने परिवार का पूरा ध्यान रखा और तीन बहनों की शादी भी करवाई और मां का ख्याल भी रखा. 

आईपीएल में लूटी महफिल 

जिसमें जुनून होता है उसे केवल एक मौके की ही तलाश होती है. ऐसा ही कुछ हुआ आकाशदीप के साथ, जब उन्हें लंबे इंतजार के बाद आईपीएल में खुद को साबित करने का मौका मिला. हालांकि, वह आईपीएल की टीम में पिछले साथ भी थे, लेकिन खेल नहीं पाए थे. इस बार वाशिंगटन सुंदर के कारण उन्हें मौका मिला और उन्होंने गेंद से क्रिकेट की पिच पर अपनी किस्मत ही लिख डाली. मैच था केकेआर की टीम के साथ, उन्होंने फायदा उठाते हुए तीन विकेट चटकाए. उन्होंने वेंकटेश अय्यर, उमेश यादव और नीतीश राणा को अपना शिकार बनाया और कोलकाता को बैकफुट पर धकेल दिया. 

आकाशदीप महज 25 साल के हैं. उन्होंने 24 सितंबर 2019 को बंगाल के लिए 2019-20 विजय हजारे ट्रॉफी में अपनी लिस्ट ए की शुरुआत की थी और 25 दिसंबर 2019 को बंगाल के लिए 2019-20 रणजी ट्रॉफी में प्रथम श्रेणी में डेब्यू किया. 30 अगस्त 2021 को, दीप को संयुक्त अरब अमीरात में 2021 इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दूसरे चरण के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम में शामिल किया गया था. इसके बाद फरवरी 2022 में यानी इस साल फिर से उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2022 इंडियन प्रीमियर लीग टूर्नामेंट की नीलामी में खरीदा औऱ इस बार तो उन्होंने पूरी तरह अपना जादू बिखेर दिया. 

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