scorecardresearch

Qila Raipur Rural Olympics: पंजाब में आज से हो रही है किला रायपुर ओलंपिक की शुरुआत, देशभर से खिलाड़ी लेंगे हिस्सा

1933 से शुरू हुए क़िला रायपुर के ग्रामीण खेलों का इतना आकर्षण होता है कि इसमें पंजाब से ही नहीं देश भर के खिलाड़ी हिस्सा लेने के लिए आते हैं और इन खेलों को देखने के लिए NRI के साथ-साथ विदेशी लोग भी पंजाब पहुंचते हैं.

Advertisement
Representational Image Representational Image

मिनी ओलम्पिक्स के नाम से जाने जाने वाले पंजाब के क़िला रायपुर में खेल उत्सव इस साल 31 जनवरी से 2 फ़रवरी तक आयोजित किया जा रहा है. इसे उत्सव को किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक के नाम से भी जाना जाता है. 1933 से शुरू हुए क़िला रायपुर के ग्रामीण खेलों का इतना आकर्षण होता है कि इसमें पंजाब से ही नहीं देश भर के खिलाड़ी हिस्सा लेने के लिए आते हैं और इन खेलों को देखने के लिए NRI के साथ-साथ विदेशी लोग भी पंजाब पहुंचते हैं.

6500 खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
डिप्टी कमिश्नर लुधियाना जातिंदर जोरवाल ने खेल शुरू होने से पहले खेलों की तैयारी का जायज़ा लिया. डीसी जातिंदर जोरवाल ने कहा कि पंजाब सरकार खेलों को प्रोत्साहन दे रही है. कुछ सालों से क़िला रायपुर में खेल बंद होने के बाद पिछले साल से पंजाब सरकार ने इन्हें दोबारा शुरू कराया है. इस बार 6500 से ज़्यादा खिलाड़ी देश भर से आएंगे और इस ग्रामीण ओलंपिक का हिस्सा बनेंगे.  

सांस्कृतिक मामलों के निदेशालय, पुरातत्व और संग्रहालय विभाग इस तीन दिवसीय मेगा कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा है. इसका उद्घाटन 31 जनवरी को गिद्दा, भांगड़ा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगीन प्रस्तुतियों के साथ किया जाएगा. ओपनिंग डे पर प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए 60 मीटर स्प्रिंट रेस, पुरुष एवं महिला वर्ग में दौड़, पुरुष एवं महिला वर्ग में हॉकी के अलावा कबड्डी मैच भी आयोजित किए जाएंगे. 

सम्बंधित ख़बरें

ओलंपिक में खेले जाएंगे ये खेल 
दूसरे दिन 1 फरवरी को ट्रेलर लोडिंग-अनलोडिंग, स्लो साइकलिंग रेस, टायर लिफ्टिंग प्रतियोगिता, बोरी रेस, एक्रोबेटिक प्रेजेंटेशन, वॉलीबॉल, हॉकी, कबड्डी सर्कल स्टाइल और एथलेटिक्स के सेमीफाइनल होंगे. दिग्गजों की दौड़, रस्साकशी, वॉलीबॉल , शूटिंग, खो-खो और शेष सभी स्पर्धाओं के फाइनल 2 फरवरी को समापन दिवस पर आयोजित किए जाएंगे. इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए किला रायपुर स्पोर्ट्स सोसाइटी और किला रायपुर के निवासी ग्रामीण प्रशासन को हर संभव सहयोग दे रहे हैं. 

(इनपुट्स- विवेक ढल)