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Javelin Thrower Sunil: कद से कई गुना बड़े हैं देश के सबसे छोटे हाइट वाले जेवलिन थ्रोअर, पढ़ें हिमाचल प्रदेश के सुनील के कारनामे 

सुनील जैवलिन थ्रोअर हैं. सुनील ने पुणे में आयोजित पैरा नेशनल्स में 26.28 मीटर की दूरी नापी थी और कांस्य जीता था. अब गोवा में होने वाले पैरा नेशनल्स में सुनील का टारगेट 35 मीटर का है. 

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Javelin Thrower Sunil Javelin Thrower Sunil
हाइलाइट्स
  • किसान के बेटे हैं सुनील 

  • भारत के सबसे छोटे कद वाले एथलिट 

‘छोटा पैकेट, बड़ा धमाका’- यह कहावत हिमाचल प्रदेश के 3 फुट 4 इंच लंबे जेवलिन थ्रोअर सुनील कुमार पर पूरी तरह फिट बैठती है. यही नहीं, सुनील के बारे में बेझिझक कहा जा सकता है कि वह देश के हर एक पैरा एथलीट के अंदर मौजूद असीम जज्बे, आत्मविश्वास और जुनून का प्रतिनिधित्व करते हैं तो गलत नहीं होगा. दिव्यांग होने के बावजूद पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स में एफ40-41 कैटेगरी में कांस्य पदक जीतने वाले सुनील के अंदर आत्मविश्वास और प्रतिभा कूट-कूटकर भरा हुआ है और इसी के दम पर वह देश के लिए पैरालंपिक में पदक जीतना चाहते हैं. 

किसान के बेटे हैं सुनील 

ऊना जिले के अम्ब उपमंडल के लंधेर लंधिया गांव के एक किसान के घर में पैदा हुए सुनील शिमला के रोडू में अकादमी चलाने वाले इंटरनेशनल पैरालंपिक कमेटी सर्टिफाइड कोच ललित ठाकुर की देखरेख में अभ्यास करते हैं. ललित बताते हैं कि सुनील तीन साल से उनके पास हैं और वह राफिज्म एफ 40 कैटेगरी के जैवलिन थ्रोअर हैं.
 
ललित ने कहा, “पुणे में आयोजित पिछले नेशनल्स में सुनील ने कांस्य पदक जीता था और इसी के आधार पर यह पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स में हिस्सा ले रहा है. यहां भी इसने कांस्य पदक जीता है. तीन साल पहले यह 15 से 16 मीटर जैवलिन फेंकता है लेकिन अब यह 30 मीटर के पार पहुंच गया है. इस खिलाड़ी में गजब का जज्बा और जुनून है. मौका मिलेगा तो यह निश्चित तौर पर देश के लिए इंटरनेशनल पदक लाएगा.”
 
हाइट को कभी नहीं देखा दिव्यांगता की तरह 

इसे लेकर सुनील कहते हैं कि उनके परिवार में माता-पिता के अलावा एक छोटा भाई है. पिता किसान हैं और परिवार में सभी लोग सामान्य हैं. सुनील ने कहा, “नौवीं कक्षा में था, तब कद बढ़ना बंद हो गया था. राफिज्म एक डिसेबिलिटी है. इसमें एक समय के बाद हाइट बढ़नी बंद हो जाती है लेकिन मैंने इसे कभी भी दिव्यांगता के रूप में नहीं लिया और आज तक सामान्य लोगों के साथ बराबरी से उठता-बैठता हूं.” 
 
भारत के सबसे छोटे कद वाले एथलिट 

कोच ललित ने कहा कि सुनील भारत का सबसे छोटे कद के पैरा फील्ड एथलीट हैं. कोच कहते हैं, “एफ40 कटेगरी में इसने हमेशा अपने से ज्यादा कद वाले जेवलिन थ्रोअर्स के साथ कम्पटीशन किया है. इस स्पर्धा के लिए मान्य न्यूनतम हाइट 1.08 मीटर (3.5 फुट) है. सुनील की हाइट इससे भी कम 3.4 फुट है, लेकिन इसने हाइट को कभी अपने रास्ते को रोड़ा नहीं बनने दिया.” 
 
सुनील का पर्सनल बेस्ट 30.52 मीटर है, जो उन्होंने बुधवार को पहले पैरा गेम्स के दौरान हासिल किया और इसके दम पर कांस्य जीता. इसके अलावा सुनील ने पुणे में आयोजित पैरा नेशनल्स में 26.28 मीटर की दूरी नापी थी और कांस्य जीता था. अब गोवा में होने वाले पैरा नेशनल्स में सुनील का टारगेट 35 मीटर का है. 
 
खुद को नहीं मानते दूसरों से कम

यह पूछे जाने पर कि हाइट कम होने के कारण लोगों ने कभी चिढ़ाया? इस पर सुनील ने कहा, “मुझे कोई नहीं चिढ़ाता. मेरे गांव के लड़के सपोर्ट करते हैं. और अगर कोई चिढ़ाता है तो मैं उसे मुंहतोड़ जवाब देता हूं. फिर तो मैं आर या पार कर देता हूं. मैं स्कूल के दिनों से ही एक्टिव था, मुझे कभी फील नहीं हुआ कि मेरी हाइट कम है. जो काम नॉर्मल हाइट वाले नहीं कर पाते हैं, वह मैं कर लेता हूं.” 

(भावना जागवानी की रिपोर्ट)