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Apple Maps में जल्द आएंगे विज्ञापन, 2026 तक लॉन्च की तैयारी, जानें पूरी डिटेल

एप्पल जल्द ही एप्पल मैप्स में विज्ञापन दिखाने की तैयारी में है और यह सब होगा AI की मदद से. इसका फायदा यह होगा कि लोग अपने बिजनस को मैप पर विज्ञापन की तरह दिखा पाएंगे और स्पॉन्सर कर पाएंगे.

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एप्पल को हमेशा उसकी प्राइवेसी-फर्स्ट अप्रोच और क्लीन यूज़र एक्सपीरियंस के लिए जाना जाता है. लेकिन अब कंपनी एक ऐसा कदम उठाने जा रही है, जो उसकी इस छवि को चुनौती दे सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, एप्पल जल्द ही एप्पल मैप्स में विज्ञापन (Ads) दिखाने की तैयारी में है और यह सब होगा AI की मदद से.

मैप्स में दिखेंगे स्पॉन्सर्ड बिज़नेस
जब आप रेस्टोरेंट, होटल या किसी लोकल सर्विस की खोज करेंगे, तो अब केवल सामान्य परिणाम नहीं, बल्कि स्पॉन्सर्ड रिज़ल्ट्स भी दिखाई देंगे. यानी जो बिज़नेस एप्पल को प्रमोशन के लिए भुगतान करेंगे, उनके नाम टॉप सर्च रिज़ल्ट्स में दिखाई दे सकते हैं.

Bloomberg के टेक रिपोर्टर मार्क गरमन के मुताबिक, एप्पल मैप्स का यह ऐड मॉडल ऐप स्टोर सर्च एड्स. उदाहरण के लिए, अगर कोई यूज़र “nearby cafes” या “best hotels” सर्च करता है, तो जो बिज़नेस एप्पल को भुगतान करेंगे, वे सर्च के टॉप पर दिख सकते हैं.

AI और मशीन लर्निंग से तय होंगे टार्गेट एड्स
एप्पल इन विज्ञापनों को यूज़र की लोकेशन और इंटरेस्ट के हिसाब से कस्टमाइज़ करेगा. कंपनी का दावा है कि AI और मशीन लर्निंग की मदद से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विज्ञापन प्रासंगिक (relevant) हों. यानी यूज़र को वही एड दिखाया जाएगा, जिसमें उनकी रुचि हो.

हालांकि यह कदम बिज़नेस के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, लेकिन यूज़र्स के लिए नेविगेशन अनुभव  बदल सकता है. अब जब कोई यूज़र किसी कैफे, होटल या पेट्रोल स्टेशन की खोज करेगा, तो सबसे पहले स्पॉन्सर्ड रिज़ल्ट्स दिखाई देंगे. एप्पल का कहना है कि सभी विज्ञापनों को लेबल किया जाएगा, लेकिन फिर भी इसकी वजह से एड फ्री नेविगेशन का आकर्षण कम हो सकता है.

गूगल मैप्स जैसी दिशा में बढ़ता एप्पल
कई यूज़र्स का मानना है कि एप्पल अब वही रास्ता अपना रहा है जो गूगल मैप्स पहले से चल रहा है. इससे एप्पल की “प्रीमियम और डिस्ट्रैक्शन-फ्री” ब्रांड इमेज को नुकसान पहुंच सकता है. जो उसे बाकी टेक कंपनियों से अलग बनाती थी.

एप्पल मैप्स एड्स से छोटे कारोबार को बड़ा फायदा होगा. अब रेस्टोरेंट्स, होटल्स और लोकल सर्विस प्रोवाइडर्स सीधे एप्पल यूज़र्स तक पहुंच बना सकेंगे. AI-आधारित टार्गेटिंग की मदद से एप्पल विज्ञापनों को सही ऑडियंस तक पहुंचाएगा और बिज़नेस के लिए ROI बढ़ाने में मदद करेगा.

प्राइवेसी और पर्सनलाइजेशन के बीच संतुलन
एप्पल के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह यूज़र डेटा का इस्तेमाल करते हुए भी प्राइवेसी से समझौता न करे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी विज्ञापनों के लिए अपने ऑन डिवाइस एआई सिस्टम का इस्तेमाल करेगी. इसका मतलब है कि यूज़र डेटा क्लाउड पर नहीं जाएगा, बल्कि डिवाइस के अंदर ही प्रोसेस होगा. इससे एप्पल को एक ऐसा बैलेंस बनाने में मदद मिलेगी, जहां स्मार्ट रिकमेंडेशन और डेटा सेफ्टी दोनों कायम रहें.