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Solar Tree installation in Delhi: दिल्ली के शेख सराय में लगेंगे सोलर ट्री, जानिए क्या है ये और इसके फायदे

दिल्ली के शेख सराय में लगने वाले सोलर ट्री चार से पांच मीटर लंबे होंगे, और इनमें पत्तियों के रूप में फोटोवोल्टिक पैनलों से बनी कम से कम दस शाखाएं होंगी.

Representational Image (Photo: IndiaMart) Representational Image (Photo: IndiaMart)
हाइलाइट्स
  • ये सोलर ट्री चार से पांच मीटर लंबे होंगे

  • दिल्ली के शेख सराय में लगेंगे सोलर ट्री

लोक निर्माण विभाग (PWD) साउथ दिल्ली के शेख सराय में एक खास प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है. दरअसल, इस एरिया में सोलर ट्री लगाए जाएंगे जिनसे स्ट्रीट लाइट्स को चलाने के लिए क्लीन एनर्जी जनरेट होगी. यह पूरा प्रोजेक्ट ₹62 लाख की लागत से तैयार होगा. पीडब्ल्यूडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह पायलट प्रोजेक्ट किया जा रहा है, जिसमें चार ऐसे सोलर ट्री शेख सराय फेज-2 ग्रीन बेल्ट में विकसित किए जा रहे हैं. अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहा तो इसे दूसरी जगहों पर भी रेप्लिकेट किया जाएगा. 

बताया जा रहा है कि ये सोलर ट्री चार से पांच मीटर लंबे होंगे, जिनमें पत्तियों के रूप में फोटोवोल्टिक पैनल होंगे और हर एक सोलर ट्री में पैनल्स की कम से कम दस शाखाएं होंगी. पीडब्ल्यूडी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार, हर एक सोलर ट्री की शाखा 12 वोल्ट आउटपुट के साथ 100 वाट के सौर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल से बनी होगी. 

क्या होते हैं सोलर ट्री 
सोलर ट्री से मतलब है कि आप फोटोवोल्टिक पैनलों को छत या जमीन पर साधारण चौकोर पैनल को रूप में लगाने की बजाय इन्हें मेटल का इस्तेमाल करके पेड़ का रूप दें. सोलर ट्री में सोलर पैनल्स को इस तरह से लगाया जाता है कि ये धूप से बिजली भी बनाएं और कोई इनके नीचे खड़ा हो तो उसे पेड़ के जैसी छांव भी दें. 

आपको बता दें कि सोलर ट्री जमीन के प्रति वर्ग फुट में बिजली की अच्छी मात्रा पैदा कर सकते हैं और साथ ही, लोगों, वाहनों और जानवरों के लिए आश्रय के रूप में काम कर सकते हैं. 

सोलर ट्री के फायदे
सोलर ट्री और सोलर पैनल दोनों अपने डिजाइन्स में फोटोवोल्टिक पैनल्स का इस्तेमाल करते हैं. दोनों ही धूप से मिलने वाली ऊर्जा से बिजली बनाते हैं. हालांकि, दोनों में डिजाइनिंग का सबसे ज्यादा फर्क है. बात सोलर ट्री की करें तो यह आधा सोलर पैनल और आधा आर्ट इंस्टॉलेशन है.

सब जानते हैं कि सोलर पैनल्स के सामान्य इंस्टॉलेशन के कारण काफी जगह चली जाती है और इसका इस्तेमाल खत्म हो जाता है. लेकिन सोलर ट्री लगाने से आप इस जगह का उपयोग दूसरी गतिविधियों के लिए कर सकते हैं. खासकर कि किसानों के लिए यह फायदेमंद है. इससे उनके खेतों की जगह कम नहीं होती है. 

वहीं, सोलर ट्री को सार्वजनिक स्थलों पर लगाया जा सकता है और अगर बड़े इंस्टॉलेशन किए जाएं तो सोलर ट्री के नीचे की जगह को पार्किंग या लोगों के बैठने के लिए इस्तेमाल में लिया जा सकता है. आपको बता दें कि साल 2018 में, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने स्मार्ट सिटी परियोजना के हिस्से के रूप में मेट्रो गेट 7 के पास कनॉट प्लेस में अपना पहला सोलर ट्री स्थापित किया था.