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Online Interview के नाम पर AI बायोमेट्रिक स्कैम! चेहरा और आंखें स्कैन कर ठग बदल रहे Aadhaar से जुड़ा मोबाइल नंबर, ऐसे बचें

गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने ऑनलाइन इंटरव्यू के नाम पर हो रहे नए AI बायोमेट्रिक स्कैम को लेकर लोगों को सतर्क किया है.

Online Interview Online Interview

वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन जॉब्स के बढ़ते ट्रेंड के बीच साइबर ठगों ने नौकरी तलाश रहे लोगों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है. गृह मंत्रालय ने हाल ही में चेतावनी जारी कर बताया है कि फर्जी ऑनलाइन इंटरव्यू, नकली भर्ती प्रक्रिया और संदिग्ध वेरिफिकेशन के जरिए लोगों की निजी जानकारी चुराई जा रही है. कई मामलों में कैंडीडेट्स से आधार, पैन, बैंक डिटेल, यहां तक कि चेहरे का वीडियो और ओटीपी तक मांगा जा रहा है. इसके बाद उनके नाम पर फर्जी अकाउंट, लोन या बैंक फ्रॉड किए जा रहे हैं.

क्या है यह नया जॉब इंटरव्यू स्कैम?
इस स्कैम में साइबर अपराधी खुद को बड़ी कंपनियों का HR या रिक्रूटर बताकर लोगों से संपर्क करते हैं. वे लिंक्डइन, टेलीग्राम, व्हाट्सएप, ईमेल  या जॉब पोर्टल्स के जरिए उम्मीदवारों तक पहुंचते हैं. शुरुआत में सबकुछ असली भर्ती प्रक्रिया जैसा लगता है. प्रोफेशनल मेल, कंपनी का लोगो, इंटरव्यू लिंक और आकर्षक सैलरी ऑफर देकर भरोसा जीता जाता है.

इसके बाद उम्मीदवार को कहा जाता है कि नौकरी आगे बढ़ाने के लिए KYC Verification, Background Check या Document Authentication जरूरी है. इसी बहाने उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट फोटो, बैंक अकाउंट डिटेल या वीडियो वेरिफिकेशन मांगा जाता है.

कुछ मामलों में ठग फर्जी वीडियो इंटरव्यू भी कराते हैं. इंटरव्यू के दौरान स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल या लैपटॉप का एक्सेस ले लिया जाता है. कई बार उम्मीदवार को एक लिंक भेजा जाता है, जिस पर क्लिक करते ही फोन हैक या डेटा चोरी हो सकता है.

ऐसे दिया जा रहा है स्कैम को अंजाम

  • फर्जी HR बनकर WhatsApp या Telegram पर संपर्क

  • बड़ी कंपनियों के नाम और लोगो का इस्तेमाल

  • इंस्टेंट जॉइनिंग या तुरंत चयन का लालच

  • इंटरव्यू से पहले वेरिफिकेशन फीस या सिक्योरिटी डिपॉजिट मांगना

  • Google Meet/Zoom लिंक के बहाने फिशिंग वेबसाइट भेजना

  • AnyDesk या स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करवाना

  • OTP और बैंक डिटेल लेकर अकाउंट खाली करना

साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बेरोजगारी और वर्क फ्रॉम होम के बढ़ते चलन का फायदा उठाकर ये गिरोह तेजी से सक्रिय हुए हैं. कई लोग जल्दी नौकरी पाने की उम्मीद में बिना जांच-पड़ताल के अपनी जानकारी साझा कर देते हैं.

किन संकेतों से पहचानें कि इंटरव्यू फर्जी हो सकता है?

  • कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या करियर पेज पर जॉब लिस्टेड न हो

  • रिक्रूटर Gmail या फ्री ईमेल ID से मेल भेजे

  • इंटरव्यू से पहले पैसे मांगे जाएं

  • तुरंत जॉइनिंग या 100% सिलेक्शन का दावा

  • बहुत कम समय में डॉक्यूमेंट और OTP शेयर करने का दबाव

  • इंटरव्यू प्रक्रिया जरूरत से ज्यादा जल्दबाजी में हो

  • वीडियो KYC या फेस स्कैन जैसी असामान्य मांग

याद रखें, कोई भी असली कंपनी नौकरी देने से पहले उम्मीदवार से बैंक OTP, UPI PIN या स्क्रीन शेयरिंग एक्सेस नहीं मांगती.

ऐसे करें खुद को सुरक्षित

  • किसी भी कंपनी या रिक्रूटर की जानकारी पहले आधिकारिक वेबसाइट से जांचें

  • ईमेल डोमेन ध्यान से देखें, फर्जी मेल IDs से सतर्क रहें

  • बिना पुष्टि के आधार, पैन, बैंक डिटेल साझा न करें

  • स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें

  • इंटरव्यू लिंक पर क्लिक करने से पहले URL चेक करें

  • सोशल मीडिया पर दिख रहे हर जॉब ऑफर पर भरोसा न करें

  • जल्दबाजी या दबाव बनाने वाली भाषा से सावधान रहें

अगर किसी इंटरव्यू प्रक्रिया में कुछ भी संदिग्ध लगे तो तुरंत बातचीत बंद करें और कंपनी के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर या वेबसाइट से पुष्टि करें.

अगर फ्रॉड हो जाए तो क्या करें?
अगर आपने गलती से अपनी जानकारी साझा कर दी है या बैंक फ्रॉड हो गया है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करें. जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसे या डेटा रिकवर होने की संभावना उतनी ज्यादा रहेगी.