104 करोड़ रुपये से IIT कानपुर बनाएगा खास सुरक्षा सेंटर
104 करोड़ रुपये से IIT कानपुर बनाएगा खास सुरक्षा सेंटर
आज के दौर में सरकारी कामकाज से लेकर आम लोगों की सुविधाओं तक, लगभग हर चीज डिजिटल हो रही है. राशन कार्ड, पेंशन, सरकारी योजनाओं और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ा डेटा ऑनलाइन मौजूद है. ऐसे में अगर किसी सरकारी वेबसाइट या सिस्टम पर साइबर हमला हो जाए, तो बड़ा नुकसान हो सकता है. इसी खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. योगी कैबिनेट ने प्रदेश में साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (UP-CSOC) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस सेंटर की जिम्मेदारी IIT कानपुर को सौंपी गई है.
104.28 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा सेंटर
उत्तर प्रदेश में इस परियोजना पर करीब 104.28 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. IIT कानपुर का साइबर सिक्योरिटी इनोवेशन हब C3iHub इस सेंटर को स्थापित करेगा. इसके साथ ही अगले तीन साल तक इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी इसी संस्थान के पास रहेगी. इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों के डिजिटल सिस्टम और जरूरी डेटा को साइबर हमलों से सुरक्षित रखना है.
24 घंटे होगी सरकारी सिस्टम की निगरानी
UP-CSOC के जरिए सरकारी वेबसाइट, एप्लीकेशन, डिजिटल नेटवर्क और जरूरी सूचना प्रणालियों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी. अगर किसी सिस्टम में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है या साइबर हमले की आशंका होती है, तो उसका जल्द पता लगाया जा सकेगा. इससे समय रहते जरूरी कदम उठाने और डेटा चोरी जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी.
AI की मदद से पकड़े जाएंगे साइबर खतरे
इस सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. इनकी मदद से साइबर हमलों की पहचान, सुरक्षा में मौजूद कमजोरियों की जांच और खतरे की गंभीरता का आकलन किया जाएगा. इसके अलावा सरकारी विभागों के IT और Operational Technology (OT) सिस्टम की भी निगरानी होगी. साइबर हमला होने पर उसकी जांच और संबंधित विभागों के साथ तालमेल बनाकर कार्रवाई की जाएगी.
अधिकारियों को भी मिलेगी ट्रेनिंग
इस परियोजना के तहत सरकारी विभागों के अधिकारियों को साइबर सुरक्षा की ट्रेनिंग भी दी जाएगी. विभागों के चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) और नोडल अधिकारियों के साथ मिलकर साइबर ड्रिल, सुरक्षा जांच और ऑडिट किए जाएंगे. IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल के मुताबिक, तेजी से बदलते साइबर खतरों के बीच सरकारी डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा जरूरी हो गई है. C3iHub इससे पहले SAIL भिलाई स्टील प्लांट, NHAI और इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन के लिए भी ऐसे सेंटर स्थापित कर चुका है. अब इसी अनुभव का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश के सरकारी डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित बनाने में किया जाएगा.
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