scorecardresearch

Phone Banking Security: यूपीआई यूजर्स के लिए जरूरी खबर! फोन की ये 7 सेटिंग्स रखें ऑन, रहेगा बैंक अकाउंट सुरक्षित

साइबर फ्रॉड का शिकार बनना आज के समय में कोई मुश्किल काम नहीं. लेकिन अगर फोन में कुछ सेटिंग्स और फीचर्स ऑन हों, तो आपके बैंक अकाउंट से लेकर पर्सनल डेटा तक, कोई एक्सेस नहीं कर पाएगा. जानें किन फीचर्स को रखना चाहिए ऑन...

Advertisement
AI Generated Image AI Generated Image

आजकल ज्यादातर लोग ट्रांजैक्शन के लिए यूपीआई, नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं. सोचे कि अगर ऐसे में आपका स्मार्टफोन किसी चोर के हाथ लग जाए तो? चांस हैं कि पूरा खाता खाली हो जाएगा. इसलिए जरूरी है कि सेफ्टी के लिए कुछ खास सेटिंग्स और फीचर्स को हमेशा ऑन करके रखें. 

अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर किस-किस सेटिंग को चेंज करें, या कौन से फीचर हैं, जिनसे आपका खाता बिल्कुल सेफ रहेगा. तो चलिए एक-एक करके बताते हैं.

ऐप परमिशन मैनुअली करें चेक

बैंकिंग या यूपीआई ऐप को सिर्फ उतनी ही परमिशन दें, जितनी जरूरी हो. अगर किसी ऐप को बिना जरूरत कॉन्टैक्ट, कैमरा या एसएमएल का एक्सेस मिला है, तो उसे बंद कर दें. इससे आपका पर्सनल डेटा बिल्कुल सेफ रहेगा.

फिंगरप्रिंट/फेस लॉक ऑन रखें

फोन और बैंकिंग ऐप दोनों में फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक का इस्तेमाल करें. इस लॉक को क्रैक करना किसी और के लिए काफी मुश्किल है, इसलिए ये काफी सेफ है. इससे फोन चोरी होने पर भी कोई दूसरा व्यक्ति आपके बैंकिंग ऐप तक आसानी से नहीं पहुंच पाएगा.

ऑटो स्क्रीन लॉक का टाइम रखें शॉर्ट

फोन को बिना इस्तेमाल के ज्यादा देर तक खुला न रहने दें. इसलिए स्क्रीन लॉक की टाइमिंग को बहुत कम कर दें. स्क्रीन लॉक का समय 30 सेकंड या उससे कम रखें, ताकि फोन अपने आप जल्दी लॉक हो जाए.

हर ट्रांजैक्शन का मिले अलर्ट

एसएमएस और ईमेल अलर्ट हमेशा ऑन रखें. इससे जैसे ही आपके अकाउंट में कोई भी ट्रांजैक्शन होगा या गलत लॉगिन होगा. उसका अलर्ट आपको फौरन मिल जाएगा. ऐसे में आप जल्द से जल्द अकाउंट पर कंट्रोल हासिल कर लेंगे.

ट्रांजैक्शन लिमिट तय करें

यूपीआई, नेट बैंकिंग और एटीएम की रोजाना ट्रांजैक्शन लिमिट अपनी जरूरत के हिसाब से रखें. इसका फायदा यह होगा कि अगर कभी धोखाधड़ी होती भी है, तो नुकसान केवल उतना ही हो पाएगा जितनी आपकी डेली लिमिट है.

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन

बैंकिंग ऐप में टू-फैक्टर या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें. इससे सिर्फ पासवर्ड जान लेना किसी ठग के लिए काफी नहीं होगा. ट्रांजैक्शन पूरा करने के लिए एक्स्ट्रा सिक्योरिटी लेयर भी पार करनी होगी. इससे आपका खाता सेफ रहेगा.

लिंक्ड डिवाइस को देखते रहें

समय-समय पर बैंकिंग ऐप में जाकर देखें कि आपका अकाउंट किन-किन डिवाइस में लॉगिन है. अगर कोई ऐसा डिवाइस दिखाई दे रहा है, जो अनजान है, तो उसे तुरंत हटाकर पासवर्ड बदल दें.

साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सिर्फ मजबूत पासवर्ड बनाना ही काफी नहीं है. फोन और बैंकिंग ऐप की छोटी-छोटी सुरक्षा सेटिंग्स भी आपके पैसे की सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाती हैं. अगर आपने अभी तक इन सेटिंग्स को चेक नहीं किया है, तो आज ही इन्हें अपडेट करें.